शुक्रवार को शामली में हुई बरसात में मस्ती करते बच्चे।
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शामली में शुक्रवार सुबह से शाम तक रुक रुककर झमाझम बरसात होती रही। जिससे कुछ इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, तो तापमान में गिरावट आने पर गर्मी भी काफूर हो गई। वहीं, लगातार बरसात के कारण बाजारों से रौनक गायब हो गई।
बृहस्पतिवार से ही लगातार बरसात हो रही है। शुक्रवार सुबह से शाम तक भी रुक रुककर झमाझम बरसात होती रही। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। ड्रेनेज विभाग के जिलेदार अंबुज कुमार के मुताबिक बृहस्पतिवार को 93 मिमी बरसात हुई थी, जबकि शुक्रवार सुबह आठ बजे भी 92 मिमी पानी बरसा। उधर, लगातार बरसात के कारण शहर के माजरा रोड, टंकी रोड, पटेलनगर, नंदू प्रसाद, पंसारियान सहित कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि नालों की सफाई अच्छी होने के कारण जलभराव ज्यादा देर तक नहीं रहा और नालों में पानी का बहाव अच्छा होने के कारण पानी निकल गया।
वहीं, लगातार बरसात के कारण शहर के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही, जिस कारण व्यापारियों की दुकानों पर सूनापन रहा। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि मानसून की बरसात हो रही है, जो शनिवार को भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि दोपहर में धूप भी निकल सकती है, जिससे तापमान में फिर वृद्धि होने की संभावना है। उधर, जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर का कहना है कि यह बरसात फसलों के लिए लाभकारी है। क्योंकि खेतों में धान की फसल खड़ी है, जिसके लिए सिंचाई की ज्यादा जरूरत होती है। बरसात के कारण फसलों को पर्याप्त पानी सिंचाई के लिए मिल रहा है।
खतरे के निशान के करीब यमुना, हाई अलर्ट जारी
पहाड़ों में हो रही बारिश के कारण हथिनीकुंड़ बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है, जिससे यमुना नदी चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। शुक्रवार फिर यमुना में करीब पौने दो लाख क्युसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद अब यमुना का जलस्तर खतरे के निशान पार होने का डर अधिकारियों को सता रहा है। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे यमुना में एक लाख 36 हजार क्युसेक पानी छोड़ा गया था। वहीं, बृहस्पतिवार शाम सात बजे बैराज पर पानी का दबाव बढ़ने के कारण एक लाख 87 हजार 272 क्युसेक पानी यमुना में डिस्चार्ज किया गया। शुक्रवार सुबह से ही यमुना के जलस्तर में वृद्धि प्रारंभ हो गई। शुक्रवार सुबह 10 बजे यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदु 230 मीटर को पार कर गया। इसके बाद भी जलस्तर में वृद्धि होती रही और शाम 4 बजे यमुना का जलस्तर 230.25 मीटर पर बह रहा था। जबकि खतरे का निशान 231 मीटर पर दर्ज है। उधर, हथिनीकुंड बैराज से शुक्रवार सुबह नौ बजे यमुना में 94 855, सुबह 10 बजे एक लाख 18 हजार 264 तथा 11 बजे भी एक लाख 18 हजार 264 क्युसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद दोपहर एक बजे यमुना में एक लाख 27 हजार 417 क्युसेक पानी छोड़ा गया। शाम चार बजे घट कर 49.201 तथा शाम 5 बजे 40, 680 क्यूसेक पानी रह गया।
मामौर के ग्रामीणों की फसल हुई जलमग्न
यमुना में उफान के चलते हैदपुर की करीब 50 बीघा जमीन पर यमुना का पानी फिर गया, जिससे किसानों की फसल खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। यही हाल रहा तो तटबंध पार किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद होने का डर किसानों को सताने लगा है। यमुना के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण तटवर्ती गांव सहपत, खुरगान, मंडावर, बसेड़ा, पठेड, मामौर, नगलाराई आदि के लोगों को बाढ़ की चिंता सता रही है। ड्रेनेज विभाग के रामपाल ने बताया कि यमुना का जलस्तर अभी और बढ़ने की संभावना है। यमुना नदी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
आठ बाढ़ चौकियां बनाई गई है। यमुना अभी खतरे के निशान से नीचे है। हल्का लेखपालों को 24 घंटे क्षेत्र में रह कर यमुना पर नजर रखने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। तटवर्ती गांवों के प्रधानों व जिम्मेदार लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
-सुरजीत सिंह
एसडीएम