- मुजफ्फरनगर से बालक डीसीएम में बैठकर पहुंच गया था हसनपुर लुहारी
- गांव निवासी समाजसेवी सुमित सैनी ने सोशल मीडिया के जरिए ढूंढे आयान के परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि कोई किसी भटके राही को सही रास्ता दिखाए तो इससे नेक काम ओर क्या होगा। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है हसनपुर लुहारी निवासी समाजसेवी सुमित सैनी ने। गांव में रास्ता भटककर पहुंचे एक बालक को सुमित ने सोशल मीडिया के जरिये उसके परिजनों से मिलाया और उनके सुपुर्द कर दिया।
बृहस्पतिवार को एक करीब 13 वर्षीय बालक डीसीएम से हसनपुर लुहारी गांव पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद वह इधर उधर भटकने लगा। लोगों ने जब उससे बात की तो पता चला कि बालक की स्थिति मानसिक रूप से कमजोर है। यह पता चलने के बाद भी कोई उसकी मदद को आगे नहीं आया। इस पर गांव के समाजसेवी सुमित सैनी ने उस बालक को अपने साथ लिया और घर चले गए। उसे खाना खिलाने के बाद उसका फोटो और संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
करीब एक घंटे बाद मुजफ्फरनगर के सुजडू गांव से सुमित सैनी के पास फोन आया कि बालक का नाम आयान है और बताया वह उनके परिवार का हिस्सा है। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर के चाइल्ड हेल्पलाइन केयर से भी सुमित को फोन आया और बच्चे से संबंधित सारी जानकारी जुटाई। उधर सूचना मिलने के बाद रुबीना नाम की महिला हसनपुर लुहारी गांव पहुंची। रुबीना ने बताया कि आयान उसका बेटा है। आयान के पिता का नाम शमसुद्दीन है और वह मुजफ्फरनगर के सुजडू गांव के रहने वाले हैं।
इसके बाद सुमित ने आयान व उसके माता-पिता का आधार कार्ड लिया और चाइल्ड केयर हेल्पलाइन के अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के अनुरूप कागजी कार्यवाही पूरी करते हुए आयान को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने बताया कि आयान की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।