शामली। जिले के चीनी मिलों के नए पेराई सत्र 2024-25 में थानाभवन, ऊन चीनी मिलों के 20-25 खरीद केंद्र काटकर शामली मिल को दिए जाने की संभावना बन गई है। हालांकि जिले के किसान संपूर्ण गन्ना भुगतान कर मांग को लेकर शामली गन्ना समिति कार्यालय में बेमियादी धरने पर बैठे हैं। शामली गन्ना सहकारी समिति की आगामी 18 सितंबर को शामली के हनुमान धाम अग्रसेन बरात घर में बैठक होगी। जिसमें गन्ना सुरक्षण केंद्रों को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा।
सरशादी लाल समूह की अपर दोआब चीनी मिल घाटे में चलने के चलते शासन ने काफी संख्या में खरीद केंद्र काटकर राणा समूह की ऊन और बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल को दे दिए थे। पेराई सत्र के आखिर में पांच खरीद केंद्र काटकर देवबंद और खतौली मिल को दिए गए थे। अब त्रिवेणी समूह पिछले तीन माह से शामली मिल पर काबिज है। अब नए पेराई सत्र की तैयारियों के लिए जिले की शामली, ऊन और थानाभवन गन्ना सहकारी समितियों की गन्ना सुरक्षण बैठक की तैयारियां चल रही है। शामली गन्ना समिति के सचिव ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि यदि शामली चीनी मिल ने पिछले सत्र का 213 करोड़ रुपये का बकाया किसानों का भुगतान कर दिया तो शामली चीनी मिल के काटे गए सभी 20-25 खरीद केंद्र मिल सकते हैं। बकाया गन्ना भुगतान शामली की ओर से नहीं किया जाता है तो खरीद केंद्रों का निर्धारण टल जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाहा ने बताया कि जिले की गन्ना समिति के खरीद केंंद्रों की सुरक्षण बैठक के बाद खरीद केंद्र काटने और जोड़ने की मांग लखनऊ गन्ना आयुक्त को भेजी जाएगी। लखनऊ से गन्ना आयुक्त के यहां से जिले की चीनी मिलों को अगले माह खरीद केंद्र आवंटित किए जाएगे
जिले के मिलों के खरीद केंद्रों का आंकड़ा
मिले खरीद केंद्र क्षमता
शामली 17 75 हजार क्विंटल
ऊन 93 72 हजार क्विंटल
थानाभवन 80 90 हजार क्विंटल