शामली। जिले की तीनों चीनी मिल शामली, ऊन और थानाभवन पर नया और पुराना मिलाकर कुल 437.57 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें शामली मिल का वर्ष 2022-23 पेराई सत्र का 214 करोड़ रुपये है। शामली चीनी मिल को संचालित करने वाले त्रिवेणी समूह के अधिकारियों का कहना कि पिछले सत्र का 214 करोड़ रुपये का बकाया किसानों का भुगतान 21 सितंबर तक किए जाने का आश्वासन दे चुके हैं। किसान संगठनों ने चीनी मिल के अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर 22 सितंबर तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
वर्ष 2023-24 का शामली मिल पर 12 करोड़ रुपये, थानाभवन मिल पर 147 करोड़ रुपये, ऊन मिल पर 64.7 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं शामली चीनी मिल पर वर्ष 2022-23 पेराई सत्र का 214 करोड़ रुपये बकाया है। पुराने गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर शामली मिल के किसान आंदोलित हैं। किसान संगठनों और जिला प्रशासन के बीच संयुक्त बैठक में शामली मिल को संचालित करने वाले त्रिवेणी समूह के अधिकारी नया भुगतान 31 अगस्त और 21 सितंबर तक वर्ष 2022-24 पेराई सत्र का पुराना बकाया गन्ना भुगतान कराए जाने का आश्वासन दे चुके हैं। डीसीओ रणजीत सिंह कुशवाहा का कहना है कि वर्ष 2022-23 का पुराना गन्ना भुगतान किए जाने के लिए ऋण लेने को बैंको से आवेदन किया गया है। वर्ष 2023-24 का शामली मिल पर 12 करोड़ रुपये बकाया है। आगामी 31 अगस्त तक नए सत्र का समस्त भुगतान किसानों को कर दिया जाएगा। दूसरी ओर किसान नेता संजीव लिलौन, अमित कुमार मलिक ने कहा कि अगर शामली मिल ने किसानों का 22 सितंबर तक 214 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।
-जिले की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान का आंकड़ा
मिले- -वर्ष 2023-24 का बकाया गन्ना भुगतान करोड़ रुपये में
शामली- -12 करोड़ रुपये
थानाभवन- -147 करोड़ रुपये
ऊन - - 64.57 करोड़ रुपये
कुल - -223.7 करोड़ रुपये
-वर्ष 2022-23 का शामली मिल पर बकाया 214 करोड़ रुपये है
-तीनों मिलों पर नया पुराना कुल बकाया 437.57 करोड़ रुपये है