शामली। सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल के 25वें सत्र में प्रवेश करने पर सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति और विरासत के परिचायक लोक नृत्य में मशहूर भारतीय नर्तक राकेश साई बाबू द्वारा मयूरभंज छाऊ नृत्य का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपनी प्राचीन भारतीय कला को देख रोमांचित हुए और उन्हें प्राचीन भारतीय कला को देखने और जानने का मौका मिला।
स्कूल में बृहस्पतिवार की शाम को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल की चेयरपर्सन दीपका संगल ने दीप प्रज्वलित कर किया। नई दिल्ली से आए स्पिक मैके की टीम का स्वागत अनिल गोयल ने माला पहनाकर किया। उप प्रधानाचार्या तूलिका गोयल ने बताया राकेश साई बाबू साहित्य अकादमी पुरस्कार, बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार और अनेक संगीत नाटक पुरस्कारों से सम्मानित हैं। वे लगभग 10 देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके है। उप प्रधानाचार्या ने कहा भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन व सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है। इस संस्कृति को जीवित और जागृत रखने का कार्य राकेश बाबू जैसे कलाकार कर रहे हैं। विद्यालय में इस प्रकार का आयोजन विद्यार्थियों में हमारी संस्कृति को जीवित रखने और नई पीढ़ियां में रुचि जागृत करने का कार्य करता है। प्रधानाचार्य डॉ. एके गोयल ने सभी कलाकारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि आज की पाश्चात्य संस्कृति की चमक-दमक और मनुष्य की भाग दौड़ भरी जिंदगी में भारतीय सास्कृतिक विरासत को इस प्रकार के आयोजन कर बचाए रखना का प्रयास करना चाहिए। स्कूल प्रबंध समिति के सदस्य अतुल बंसल ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा।