शामली। शहर के मोहल्ला पंसारियान में बुखार से पीड़ित 11 वर्षीय छात्रा की दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम में खलबली मच गई। छात्रा की मौत से परिजनों में गम का माहौल है। उधर, डेंगू से छात्रा की मौत होने की चर्चा फैल गई। हालांकि स्वास्थ्य टीम की जांच में छात्रा की डेंगू से मौत होने से इंकार किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिजनों व मोहल्ले में बुखार, नजला व खांसी के मरीजों के डेंगू की जांच के लिए आठ नमूने लिए और 11 स्लाइड बनाईं।
शहर के मोहल्ला पंसारियान में निवासी नीरज कुमार की पुत्री दीक्षा कक्षा छह में पढ़ती थी। परिजनों के मुताबिक 25 अगस्त को बुखार आने पर उसे सीएचसी शामली में दिखाया, लेकिन आराम न आने पर उसे निजी चिकित्सक के यहां दिखा तो टायफाइड बुखार बताया। आराम न मिलने पर 31 अगस्त को दूसरे निजी चिकित्सक के यहां दिखाया, लेकिन वहां भी हालत में सुधार न होने पर एक सितंबर को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर उपचार के दौरान मंगलवार की दोपहर को छात्रा की मौत हो गई।
छात्रा की मौत होने की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची और परिजनों से जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की टीम में महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. शाइस्ता, डॉ. विष्णु, वीबीडी परामर्शदाता राजेश कुमार, मलेरिया निरीक्षक सुबोध गौतम, एलए अवधेश वाडेकर, फार्मासिस्ट विकास और फील्ड वर्कर शामिल रहे। स्वास्थ्य टीम ने मोहल्ले में शिविर लगाकर 32 मरीजों को दवा दी। संभावित बुखार रोगियों की आठ रक्त नमूने डेंगू की एलाइजा जांच और मलेरिया की जांच के लिए 11 स्लाइड बनाईं। बुखार के पांच मरीजों की आरडीटी किट से मलेरिया जांच की गई, जो नेगेटिव आई। स्वास्थ्य टीम ने लोगों को जानकारी देकर बुखार से बचाव व रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिक्षा देकर जागरूक किया।
इस दौरान एंटी लार्वा कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया गया। 20 घरों के अंदर छिड़काव कराने के साथ 50 घरों में लार्वा ब्रीडिंग जांच की गई, जिनमें एक घर में लार्वा प्रजनन की स्थिति पाई गई, जिसे तत्काल नष्ट कराया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अतुल बंसल ने बताया छात्रा की मौत डेंगू से होना नहीं पाया गया। दिल्ली अस्पताल से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में भी छात्रा की मौत का कारण नहीं लिखा गया। स्वास्थ्य टीम की जांच में मल्टी आर्गन फेलियर होने से छात्रा की मौत होने की आशंका जताई है। उन्होंने बताया जिले में अभी तक डेंगू के दो मरीज मिले हैं।
- जिले में बुखार से हो चुकी हैं चार मौत
शामली। जिले में आठ दिन में बुखार से चार मौत हो चुकी है। शहर के निजी अस्पताल में भर्ती बुखार से पीड़ित नया गांव निवासी ललिता की 28 अगस्त को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। चार दिन पहले कैराना क्षेत्र के गांव बदलूगढ़ में राजवती की बुखार से मौत हुई। तीन दिन पहले जलालाबाद में बुखार से पीड़ित चार साल के बालक की मौत हुई थी। इसके बाद शहर के मोहल्ला पंसारियान में मंगलवार को दिल्ली अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
- छात्रा के घर के कूलर में मिला डेंगू का लार्वा
वीबीडी परामर्शदाता राजेश कुमारी ने बताया स्वास्थ्य टीम की जांच में मृतक छात्रा दीक्षा के घर में कूलर में डेंगू का लार्वा मिला है। एक अन्य घर में भी लार्वा पाया गया। दोनों को तत्काल एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव कराकर नष्ट कराया गया।