परिषदीय विद्यालयों में जरूरत छह लाख की, मिली 1.49 लाख पुस्तकें
पुस्तकों को ब्लॉक स्तर पर भेजा, विद्यालयों में शुरू नहीं हुआ वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए शासन से मात्र तीन विषयों की मात्र 1.49 लाख पुस्तकें पहुंची हैं, जबकि जरूरत छह लाख से अधिक की है। बाकी पुस्तकों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। जिले को मिली पुस्तकों को ब्लॉक स्तर पर भेज दिया गया है, लेकिन अभी विद्यालयों में वितरण शुरू नहीं हुआ है।
बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए शासन से नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया था, लेकिन अभी तक विद्यार्थियों को नई पुस्तकें नहीं मिली हैं। पिछले साल की पुरानी कटी-फटी आधी-अधूरी पुस्तकों से ही शिक्षण कार्य कराने की खानापूर्ति की जा रही है। जिले में कक्षा एक से आठ तक के 596 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 86 हजार 500 विद्यार्थी नामांकित हैं। जिनके लिए छह लाख से अधिक पुस्तकों की जरूरत है। जिले को अभी तक मात्र तीन विषयों हिंदी, गणित व अंग्रेजी की पुस्तकें मिली हैं। इन पुस्तकों को ब्लॉक स्तर पर भेज दिया गया है, लेकिन वहां से अभी विद्यालयों में नहीं पहुंची हैं। जिस कारण अभी विद्यार्थियों को नई पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं।
शासन से आने वाली अन्य विषयों की पुस्तकों के लिए भी अभी विद्यार्थियों केे इंतजार करना पड़ेगा। नई किताबें न आने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार ने बताया कि शासन स्तर से तीन विषयों की 1.49 लाख पुस्तकें मिली हैं। जिन्हें ब्लॉक स्तर पर भेज दिया गया है। जल्द ही विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण शुरू किया जाएगा। शासन से मिलने वाले बाकी विषयों की पुस्तकें भी जल्द मिलने की उम्मीद है।