शामली। जिले में स्मॉग का खतरा बढ़ रहा है। आसमान में सुबह के समय स्मॉग की चादर धुंध के रूप में छाई रही। सुबह सात बजे के बाद धुंध छंटने पर धूप निकलनी शुरू हुई। चिकित्सकों का कहना है कि स्मॉग से दिल और श्वास के रोगियों को ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को भी सावधानी बरतते हुए सुबह-शाम घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। स्मॉग के कारण आंखों में जलन होने से लोग परेशान रहे। चिकित्सकों के पास दिल, श्वास और आंखों में एलर्जी के मरीज पहुंच रहे हैं।
दिल्ली एनसीआर में शामिल जनपद शामली में भी स्मॉग का असर दिखाई देने लगा है। शनिवार को सुबह स्मॉग की चादर फैली रहने से धुंध सी छाई रही। शाम को फिर से स्मॉग छाना शुरू हो गया। शनिवार को जिले का एक्यूआई 228 पर पहुंच गया, जबकि सामान्य स्थिति में एक्यूआई 150 के आसपास रहता है। वातावरण में स्मॉग के कारण आंखों में जलन होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। चिकित्सकों के यहां दिल और श्वास के रोगी भी बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि वायु प्रदूषण से वैसे तो सभी लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर पड़ता है। इसके अलावा दिल और श्वास के पुराने रोगियों के लिए भी स्मॉग खतरनाक होता है। इसलिए दिन और श्वास के रोगियों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
बच्चों और बुजुर्ग भी सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचे। अगर घर से बाहर जाना जरूरी है तो फेस मास्क लगाकर जाए। वायु प्रदूषण के आंख में गिरने से जख्म होने का खतरा रहता है। श्वास के रोगियों की सांस फूल सकती है। बच्चों में नजला, खांसी और एलर्जी की समस्या बन सकती है। इनसे बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक स्मॉग है, तब तक मॉर्निंग वॉक पर खुले में न जाए। घर के बरामदे और आंगन में टहलना चाहिए।
ये बरतें सावधानी
- ठंडी और खट्टी चीजों का सेवन न करें।
- ठंडा पानी न पीए।
- गला खराब, जुकाम, खांसी होने पर गर्म पानी में हल्दी नमक डालकर गरारे करें।
- सांस लेने में परेशानी हो तो अजवायन डालकर भाप ले।
- आंखों में जलन होने पर साफ ताजे पानी से धोए।
- अगर यात्रा कर रहे हैं तो कार के शीशे बंद कर एसी चलाए, पर ज्यादा ठंडा न करें।
- कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।