शामली। जिले में चार दिन बाद कोरोना के दो केस सामने आए हैं। इनमें एक 12 वर्षीय छात्रा और एक महिला आरटीपीसीआर जांच में कोरोना संक्रमित पाई गई। पूर्व में संक्रमित मिले चार मरीज स्वस्थ हुए हैं। अब जिले में कोरोना के सक्रिय केस की संख्या घटकर नौ रह गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जिले में कोरोना की रफ्तार भले ही मंद पड़ रही है, लेकिन संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है, इसलिए लोगों को अभी कोरोना से बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में लगातार पिछले चार दिन से कोरोना का कोई नया केस नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग राहत महसूस कर रहा था। पांचवें दिन बुधवार को बीएसएल टू प्रयोगशाला से आई नमूनों की आरटीपीसीआर जांच में कोरोना के दो केस मिले हैं। इनमें शामली क्षेत्र के एक गांव की 12 वर्षीय छात्रा कोरोना संक्रमित मिली। इसके अलावा शामली की एक महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। दोनों के नमूने रेंडम लिए गए थे। कोविड अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. करण चौधरी ने बताया कि दोनों कोरोना संक्रमितों में लक्षण नहीं है। उन्हें घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया पूर्व में मिले कोरोना के चार मरीज स्वस्थ हुए हैं। इसके बाद अब सक्रिय केस की संख्या घटकर नौ रह गई है।
चार दिन बाद कोरोना के दो केस मिलने से यह माना जा रहा है कि कोरोना की रफ्तार अब मंद पड़ने लगी है, इससे पहले चार दिन तक लगातार कोरोना के केस नहीं मिले थे। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि भले ही कोरोना कम हुआ हो, लेकिन खतरा अभी बरकरार है। इसकी वजह ये है कि आसपास के जिलों में कोरोना के केस लगातार सामने आ रहे हैं। जिले में 17 मार्च से अब तक 27 कोरोना संक्रमित मिले हैं। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल का कहना है कि कोरोना को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, सिर्फ सावधानी बरतने की जरूरत है। अब तक जो मरीज मिले हैं, सभी घर पर रहकर ठीक हो रहे हैं। अगर किसी व्यक्ति में लक्षण नजर आते हैं तो कोरोना की जांच अवश्य कराएं। सभी सीएचसी पर निशुल्क जांच होती है।
कोविड अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. करण चौधरी ने बताया अब तक कोरोना के जो मरीज मिले हैं, उनमें किसी में गंभीर लक्षण नहीं मिले हैं। अभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करने की जरूरत है। भीड़ वाले स्थान पर फेस मास्क लगाएं और दूरी बनाकर रखें।