शामली। एक जुलाई से शासन के निर्देश पर जनपद में 50 से कम संख्या वाले 96 स्कूलों में से पहले चरण में 29 परिषदीय स्कूलों का समायोजन किया है, लेकिन समायोजन से पूर्व अधिकारियों ने स्कूलों का भौतिक परीक्षण किए बिना ही समायोजन सूची जारी कर दी गई, जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। बच्चे कमरे न होने के कारण बाहर खुले में धूप में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर है। शामली ब्लॉक में कुल सात स्कूलों को समायोजित किया गया है। समायोजित किए गए स्कूलों को लेकर बुधवार को पड़ताल की गई तो मामला चौकाने वाला मिला। शामली ब्लॉक के गांव जलालपुर स्थित उच्च प्राथमिक स्कूल में कुल 36 बच्चे और एक इंचार्ज थी। अध्यापक संदीप की तैनाती के जबकि प्राथमिक स्कूल में 63 बच्चे थे, इसलिए अधिकारियों ने उच्च प्राथमिक स्कूल को पास के 200 मीटर की दूरी पर स्थित प्राथमिक स्कूल में समायोजित कर दिया। पड़ताल करने पर पता चला कि उच्च प्राथमिक स्कूल में चार बड़े कमरे हैं और उनके आगे बड़ा बरामदा भी बना है, लेकिन जिस स्कूल में इसे समायोजित किया गया है उसमें एक कार्यालय से अलावा केवल दो कमरे हैं जबकि कक्षाएं आठ हो गई। बच्चों की संख्या 108 है। जिस कारण एक कमरे में तीन-तीन कक्षाएं चलाई जा रही हैं। दो कक्षाओं के बच्चे बाहर धूप में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। प्रधानाध्यापक विनोद ने बताया कि अधिकारियों ने इसी स्कूल में समायोजित किया है, अब हम क्या कर सकते हैं।