कैराना। 2018 में झिंझाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी कोर्ट) रेशमा चौधरी ने छह मुजरिमों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। हत्या के मामले में सभी छह मुजरिमों पर साढे 16-16 हजार का अर्थदंड तथा दो मुजरिमों से तमंचे पकड़े जाने पर 1-1 हजार का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पुंडीर ने बताया कि 21 जनवरी 2018 को थाना झिंझाना क्षेत्र के गांव ख्वाजपुरा कबीरपुर निवासी जल्ला उर्फ तैय्यब को घर से बुला कर गोली मार कर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई राशिद ने महसूब, जमशेद, जानिशार, आजम, इसरार व मुंशाद निवासी ख्वाजपुरा कबीरपुर के विरुद्ध थाना झिंझाना पर चुनावी रंजिश में हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया था। गिरफ्तारी के समय महसूब और जानिशार से हत्या में प्रयुक्त तमंचे भी बरामद हुए थे। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की और से 11 गवाह पेश किए गए। सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी कोर्ट) रेशमा चौधरी ने दोष सिद्ध होने पर महसूब, जमशेद, जानिशार, आजम, इसरार व मुंशाद निवासी ख्वाजपुरा कबीरपुर थाना झिंझाना को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। हत्या के मामले में सभी 6 मुजरिमों पर साढे 16-16 हजार का अर्थदंड तथा दो मुजरिम महसूब व जानिशार से तमंचे पकड़े जाने पर उन पर 1-1 हजार का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया।