कांधला। कैराना रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का मंचन किया गया।
जनक ने सीता के स्वयंवर के लिए देश विदेश के राजा-महाराजाओं को आमंत्रित किया। रावण सहित अनेक बलशाली राजा शिव धनुष को हिला तक नहीं सके। वहीं राम ने धनुष को तोड़ने दिया। जिसके बाद सीता ने राम के गले में वरमाला डाली। धनुष टूटने का आभास होने पर क्रोधित होकर जनकपुरी पहुंचे परशुराम का राम और लक्ष्मण के साथ संवाद होता है। इसके बाद अयोध्या से राजा दशरथ बरात लेकर जनकपुर पहुंचते हैं और राम-सीता के विवाह पर दोनों राज्यों के लोग खुशी मनाते हैं। कमेटी अध्यक्ष महेंद्र सिंह बोरा, व्यवस्थापक हरीश सिंह भाकुनी, निदेशक नारायण सिंह बोरा, पूरन सिंह बोरा, हरीश चंद्र पंत, हरीश सिंह बोरा आदि का सहयोग रहा।