शामली, गढ़ीपुख्ता। श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र भैंसवाल में दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा एवं रथयात्रा महोत्सव के दूसरे दिन रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा का जगह-जगह पर स्वागत किया गया। रथयात्रा में भगवान के भजनों पर श्रद्धालु जमकर थिरके।
वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन गांव भैंसवाल में सुबह प्रक्षाल एवं पूजन किया गया। वेदी प्रतिष्ठा की विशेष पूजा संपन्न कराई गई। वास्तु विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ किया गया। श्री चंद्रप्रभु भगवान के मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर लड्डू समर्पित किया गया और वेदी में सभी प्रतिमाओं को विराजमान किया गया। श्रीजी को रथ में विराजमान करने के लिए बोलियां लगाई गई, जिसमें सोधर्म इंद्र कुबेर सारथी सनत कुमार, इंद्र की महेंद्र के नाम बोली छोड़ी गई और वह इंद्र भगवान की प्रतिमा को लेकर श्रीजी के रथ में विराजमान हुए।
रथयात्रा में सोनीपत का प्रसिद्ध बैंड, राजस्थानी ढोल पार्टी, मेरठ की मशहूर ताशा पार्टी सहित अनेक झांकियां और भजन मंडली शामिल रहीं। गांव के विभिन्न स्थानों से रथयात्रा वापस जैन मंदिर पहुंची और रथयात्रा का ग्रामीणों ने जगह-जगह पर स्वागत किया। रथयात्रा देखने दूरदराज से आए श्रद्धालु श्रीजी के रथ के सामने धार्मिक भजनों पर नृत्य कर रहे थे। इस अवसर पर कर्मयोगी 105 छुल्लक समर्पण सागर जी महाराज ने कहा कि भैंसवाल गांव का मंदिर अत्यंत प्राचीन होने के कारण यहां की प्रतिमाएं बहुत ही अतिशयकारी हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि मंदिर में सप्ताह या महीने भर में दर्शन करने जरूर आएं।
कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर, शामली, कांधला, कैराना, गढ़ीपुख्ता, बड़ौत, दिल्ली, गाजियाबाद आदि स्थानों से श्रद्धालु भी शामिल होने पहुंचे। इस अवसर पर राजीव जैन, सुशील जैन, आशीष जैन, सचिन जैन, आलोक जैन, प्रवीण जैन, अनिल जैन, संतोष जैन, श्रीपाल जैन, मोहित जैन, नीरज जैन, महेश चंद जैन, कमल जैन, सुनील जैन, पंकज जैन, गौरव जैन, अरुण जैन, मयंक जैन, शुभम जैन, बरखा जैन, ममता जैन, दिशा जैन, नीलम जैन, सविता जैन, नेहा जैन, दीप्ति जैन, डॉ. रीतू जैन आदि उपस्थित रहे।