शामली। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना के गोदाम से सरकारी चावल और गेहूं बरामद किया गया। शामली में भी गरीबों के राशन को औने पौने दामों में खरीदकर इकट्ठा किया जाता है। राशन बांटे जाने के अगले ही दिन रेहड़े, तांगे सवार लोग, दुकानदार राशन के चावल को 18 से लेकर 26 रुपये किलो तक खरीद लेते हैं। टीम ने पड़ताल की तो दुकानदार राशन के चावल को खरीदने के लिए तैयार हो गए। पड़ताल के दौरान संवाददाता और दुकानदारों के बीच कुछ इस तरह से बातचीत हुई...
केस-1
संवाददाता : भाई मुझे सरकारी राशन का चावल बेचना है
दलाल : कहां से बोल रहे हो
संवाददाता: थानाभवन से, क्या रेट लोगे
दलाल : 26 रुपये का रेट चल रहा है
केस: 2
संवाददाता : भाई कोटे का राशन खरीद लोगे क्या
दुकानदार : खरीद लूंगा, कितना बेचना है
संवाददाता: चावल का क्या रेट चल रहा है
दुकानदार- 20 रुपये प्रति किलो का भाव चल रहा है
स्थान : मामौर गांव
मामौर गांव में जाकर देखा तो वहा एक रेहड़े पर युवक ग्रामीणों से राशन के चावल व गेहूं खरीद रहा था। एक ग्रामीण ने 140 रुपये प्रति 5 किलो की दर से राशन के चावल बेच दिए। ग्रामीण ने बताया कि उनका परिवार राशन के चावल नहीं खाता, इसलिए चावल बेच दिए है। गांव के ही महताब ने बताया कि राशन वितरण के बाद रेहड़े वाले गांव में फेरी लगा कर राशन के चावल और गेहूं खरीदते हैं। इसके अलावा शहर तक में लोग राशन के चावलों व गेहूं को दुकानों पर ले जाकर कुछ सस्ते दामों में बेच रहे हैं।
बताया गया कि शामली के अलावा थानाभवन, कैराना, चौसाना, जलालाबाद, झिंझाना क्षेत्र में गरीबों के कोटेदार से राशन लेने के तुरंत बाद ही उनके पास कुछ लोग मंडराने लगते हैं, जो चावल 20 से लेकर 26 रुपये प्रति किलो खरीदते हैं। जबकि गेंहू 17 रुपये किलो खरीदा जाता है।
चक्की वाले और दुकानदार सबसे अधिक खरीद रहे
जिले में आटा चक्की वाले सबसे अधिक राशन के चावल की खरीदारी कर रहे हैं। बताया गया कि ये लोग गेहूं में ही चावल पीसकर बेच रहे हैं।
एक यूनिट पर मिलता है पांच किलो चावल और गेहूं
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पात्र व्यक्ति को एक यूनिट पर पांच किलो चावल और गेंहू हर माह दिए जाते हैं। जिसमें 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं दिया जाता है।
यह बोले लोग...
हम मजदूर लोग हैं। हमें राशन की सख्त आवश्यकता है। लेकिन काफी लोग ऐसे हैं जो अपना राशन लाते ही बाहर दुकानों पर बेच देते हैं।सद्दाम शाह
विभाग को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए। क्योंकि, अक्सर देखा गया है कि इन लोगों के चक्कर में पात्र व्यक्ति को राशन नहीं मिल पाता। -मनीराम कश्यप
साहब, राशन वैसे तो हम प्रयोग करते हैं मगर कई बार परिवार का चलाने के लिए रुपयों की आवश्यकता होती है, जिसके कारण राशन को दुकानदार को बेच देते हैं- इकराम
गरीबों से राशन खरीदने वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं है। जांच कराकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। लोगों से भी अपील है कि वह किसी को भी राशन नहीं बेचें, घर पर ही उसका प्रयोग करें।
रविंद्र सिंह, जिलाधिकारी शामली
गरीबों को भी खुद राशन बेचने से बचना चाहिए। यदि कोई राशन खरीद रहा है तो उसकी सूचना विभाग को दें। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
-अंकुर यादव, जिला आपूर्ति अधिकारी शामली