शामली गोहरने रलवे पुल की अपरोच रोड
शामली। बलवा उपरिगामी पुल का लिंटर डालने के लिए सरिया का जाल बिछा दिया गया है। हाईटेंंशन बिजली की लाइन शिफ्टिंग के लिए इस माह 14 पोल बनकर तैयार हो जाएंगे। लाइन शिफ्टिंग के बाद अक्तूबर माह में बाईपास की एप्रोच रोड पर तारकोल से लेपन कार्य पूरा हो जाएगा। एक नवंबर के बाद बलवा उपरिगामी पुल और बाईपास पर आवागमन चालू होने की संभावना बन गई है। दूसरी ओर मेरठ-करनाल हाईवे का टपराना-शामली बाईपास इसी माह चालू हो जाएगा। गोहरनी गांव की ओर दो सौ मीटर लंबाई की अप्रोच रोड पर मिट्टी समतल करने का कार्य पूरा हो गया है। अगले सप्ताह में रोडी-बजरी डालने का कार्य पूरा हो जाएगा।
दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे और शामली बाईपास का निर्माण कार्य बलवा रेलवे पुल और अप्रोच रोड को छोड़कर नौ माह पहले पूरा हो चुका है। बिजली की हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग नहीं होने से बलवा उपरिगामी पुल और एप्रोच रोड का कार्य अधूरा है। बिजली की हाईटेंशन लाइन शामली बाईपास के ऊपर से गुजर रही थी। हाईवे और निर्माण एजेंसी की ओर से 14 बिजली के पोल बनाकर नई लाइन शिफ्टिंग की जाएगी। लाइन शिफ्टिंग इसी माह पूरी हो जाएगी। निर्माण एजेंसी के जीएम जितेंद्र बालियान ने बताया कि हाईटेंशन बिजली के 14 पोल की फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है। लाइन शिफ्टिंग के लिए पोल अगले 15 दिन में बनकर तैयार हो जाएंगे। अक्तूबर माह में बिजली की लाइन शिफ्टिंग हो जाएगी। इसी बीच बलवा उपरिगामी पुल निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। उपरिगामी पुल के लिंटर डालने के लिए सरियों का जाल डाल दिया गया है। नवंबर माह में बलवा उपरिगामी पुल आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। दूसरी ओर मेरठ- करनाल हाईवे का टपराना-बलवा बाईपास का गोहरनी रेलवे पुल का निर्माण हो चुका है।
गोहरनी गांव की ओर एप्रोच रोड पर मिट्टी डालने का कार्य पूरा हो चुका है। रोडी बजरी डालकर तारकोल डालकर लेपन कार्य अगले 10 दिन में पूरा होजाएगा। आगामी 30 सितंबर को मेरठ-करनाल हाईवे का टपराना-शामली बाइपास का कार्य पूरा हो जाएगा। एक अक्तूबर से टपराना- शामली बाईपास आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। बाईपास चालू होने से कुरूक्षेत्र, करनाल, शामली होकर सहारनपुर, देहरादून, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार, बिजनौर और मेरठ के लिए छोटे और भारी वाहनों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। शामली शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी। बलवा उपरिगामी पुल और शामली बाईपास चालू होने से पानीपत से मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली आने की सुविधा मिलेगी। छोटे और बडे़ वाहन चालकों को इसका लाभ मिलेगा।