एएसपी संतोष कुमार सिंह ने सीओ सिटी कार्यालय में बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि पांच अक्तूबर की रात को गांव लांक निवासी ई रिक्शा चालक बाबूराम उर्फ भज्जी कश्यप की लांक पुलिस चौकी से करीब 500 मीटर दूरी पर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। उस समय बाबूराम शामली से ई रिक्शा लेकर अपने घर जा रहा था। मृतक के भतीजे मोहित ने शहर कोतवाली में अमित के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। बाबूराम आरोपी अमित का रिश्ते में तहेरा भाई था।
बुधवार को कोतवाली पुलिस ने हत्या में नामजद आरोपी अमित उर्फ मित्ता निवासी गांव लांक हाल निवासी सोनीपत हरियाणा को मन्ना माजरा फ्लाईओवर के निकट से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू व कार बरामद की।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह 10-12 साल से सोनीपत में रहकर रोड़ी-डस्ट का काम करता है। उसकी पत्नी की करीब तीन साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी, जिससे परेशान होकर वह शराब पीने लगा था। बाबूराम ने एक साल पहले अपनी बेटी की शादी के लिए उससे तीन लाख रुपये उधार लिए थे। वह उससे अपने रुपये बार-बार मांग रहा था, लेकिन वह टाल-मटोल करता रहा। इस दौरान बाबूराम के घर आने जाने पर उसकी पत्नी से उसके प्रेम संबंध हो गए थे। इसका पता बाबूराम को चल गया था। घटना वाले दिन शनिवार को उसने बाबूराम का रास्ते में रोकर अपने रुपये मांगे तो उसने देने से मना करते हुए घरवाली का पीछा छोड़ने और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद पुलिस चौकी पहुंचा था आरोपी
एएसपी ने बताया कि हत्या करने के बाद आरोपी अमित निकट ही लांक पुलिस चौकी समर्पण करने पहुंचा था, लेकिन वहां पर तीन-चार पुलिसकर्मियों को देखकर वह डर गया था और इसके बाद अपनी कार से सोनीपत भाग गया था। पकड़े जाने के डर से वह अपने कमरे पर न सोकर हाईवे पर काम करने वाले मजदूरों के समीप जाकर सो गया। जब सुबह उसने अपने कपड़े रक्त से सने देखे तो वहां से भी भाग गया था।