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Shamli News: घर लौटे श्रद्धालु बोले- जीने की छोड़ दी थी आस

Sun, 04 Aug 2024 01:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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चौसाना। केदारनाथ मे आई तबाही से बचकर लौटे युवक
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शामली। केदार घाटी में लिनचोली, भीमबली के बीच दो स्थानों पर बादल फटने के बाद फंसे चौसाना के दस, बाबरी, मुजफ्फरनगर के चार श्रद्धालु लौट आए हैं। वहीं ऊन के 15 और संभालका के चार श्रद्धालु रेस्क्यू होने के बाद घर के लिए रवाना हो गए हैं। वापस आए श्रद्धालुओं ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा और प्रशासन के सहयोग कारण ही वह घर तक पहुंच सके। वापस आने वाले श्रद्धालुओं में भाजपा के थानाभवन मंडल अध्यक्ष मोहित भी शामिल रहे।
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चौसाना के रहने वाले वंश मित्तल, विशांक कौशिक, दिवेश, ऋषभ गौतम, दाढ़ीनगर के कुलदीप, बोबी, चौसाना निवासी सन्नी, कमल, मनीष आदि शनिवार सुबह घर लौट आए। सभी के लौटने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने सभी का स्वागत किया और भगवान भाेलेनाथ का शुक्रिया अदा किया।
ऊन और सिंभालका के फंसे श्रद्धालु भी घर के लिए रवाना हो गए है। ऊन से दीपक, कुलदीप आदि श्रद्धालु 27 जुलाई को घर से केदारनाथ शिवलिंग दर्शन के लिए गए थे। वहां पर बादल फटने के बाद पानी के बहाव से बचने के लिए पहाड़ी पर 30 घंटे तक फंसे रहे। प्रशासन की मदद से ऊन के श्रद्धालु गौरीकुंड पहुंचे ।
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रेस्क्यू किए गए कुलदीप व दीपक ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम ने उन्हें पहले पहाड़ी से तार द्वारा रेस्क्यू किया गया तथा शनिवार को हेलीकॉप्टर द्वारा सुरक्षित सोनप्रयाग छोड़ दिया। सिंभालका के काले ने फोन पर बताया कि वे खुद ही पहाड़ी के रास्ते सुरक्षित निकल आए हैं और जल्द घर पहुंच जाएंगे।
इसके अलावा बाबरी क्षेत्र के भाजपा के थानाभवन मंडल अध्यक्ष मोहित शर्मा, मुजफ्फरनगर के कृष्णापुरी निवासी आशीष, सुदामा, कैड़ी के नितिन को भी प्रशासन ने रेस्क्यू किया। चारों घर लौट आए। कुलदीप ने बताया कि शामली के भी चार युवक सोनू और अन्य को रेस्क्यू किया गया है, जो घर के लिए रवाना हो चुके हैं।
शिवालयों पर किया जलाभिषेक
चौसाना। केदारनाथ में यात्रा के दौरान फंसे चौसाना के सभी युवक सकुशल घर लौट आए और महादेव मंदिर में जल चढ़ाया। सभी युवक करीब साढे ग्यारह बजे हरिद्वार होते हुए अपने घर लौटे।


दहशत में बीते तीन दिन

चौसाना। केदारनाथ में आई तबाही से बचकर लौटे युवकों ने आपबीती बताई। कहा कि बुधवार से शुक्रवार तक का समय दहशत व भय के साथ बीता। जब तक सुरक्षित होकर सोनप्रयाग तक नही पहुंचे तो दिल में मौत का साया था। तीन दिन तक मौत सामने खड़ी नजर आ रही थी। घर लौटने पर युवकों ने भविष्य में झूठ बोलकर कहीं नहीं जाने का संकल्प लिया। गौरतलब है कि चौसाना के युवक घर से हरिद्वार बताकर केदारनाथ पहुंच गए थे।




प्रशासन ने कोई मदद नहीं दी, मुश्किल से बचे

चौसाना के बोबी ने बताया कि वह कुलदीप और अन्य अन्य साथियों के साथ केदारनाथ के दर्शन के लिए गया था। बताया कि तीन दिन पूर्व ही सभी साथी पहाड़ी पर चढ़ गए थे। इसके बाद अचानक ही बादल फट गया और सभी एक पहाड़ी के पास फंस गए। बताया कि कॉल कर हेल्पलाइन नंबरों पर भी कॉल की गई मगर वहां के प्रशासन ने कोई मदद नहीं की। एक बार तो ऐसा लग रहा था कि आज जिंदा नहीं बच सकेंगे। सभी भगवान भोले का नाम लेकर मदद की गुहार लगा रहे थे। अंत में स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। तब कहीं जाकर वह बच सके। कहा कि केदारनाथ प्रशासन को श्रद्धालुओं की मदद के लिए व्यापक कदम उठाने चाहिए।
पूर्व मंत्री ने की मदद, एयरलिप्ट किए गए भाजपा मंडल अध्यक्ष और उनके साथी

भदौड़ा निवासी भाजपा के थानाभवन मंडल अध्यक्ष मोहित शर्मा ने बताया कि 30 जुलाई को वह अपने साथी मुजफ्फरनगर के कृष्णापुरी निवासी आशीष, सुदामा, कैड़ी के नितिन के साथ कैदारनाथ के दर्शन को गए थे। 31 जुलाई को पहाड़ी पर दर्शन के लिए चढ़ाई शुरू कर दी। मोहित, अश्वनी और नितिन ऊपर पहुंच गए मगर रास्ते टूटने के कारण बाकी नीचे ही रह गए। किसी का भी मोबाइल से एक दूसरे संपर्क नहीं हो पा रहा था। पानी की तेज आवाज भी आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि आज जान नहीं बच सकेंगी। कॉल कर मामले की सूचना पूर्व मंत्री सुरेश राणा को दी। सुरेश राणा ने केदारनाथ प्रशासन को मामले से अवगत कराया। इसके बाद वहां के आपदा अधिकारी ने संपर्क किया और हमें एयर लिफ्ट कर किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जहां पर खाने और सोने की उचित व्यवस्था कराई गई। कहा कि केदारनाथ प्रशासन और सरकार का उन्हें यहां तक पहुंचाने में अहम रोल रहा।

चौसाना। केदारनाथ मे आई तबाही से बचकर लौटे युवक

चौसाना। केदारनाथ मे आई तबाही से बचकर लौटे युवक

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