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Shamli: एआरटीओ के वाहन में GPS लगाने का मामला, पांच गिरफ्तार

Sun, 06 Aug 2023 05:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

उत्तर प्रदेश के शामली में आरटीओ के व्हीकल में जीपीएस लगाने के मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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विस्तार
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शामली शहर कोतवाली पुलिस ने एआरटीओ की गाड़ी में जीपीएस डिवाइस लगाने का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एआरटीओ की अनुबंधित दो गाड़ी के दो चालक व एक ट्रांसपोर्टर शामिल है।
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गाड़ी में डिवाइस लगाने वाला ट्रांसपोर्टर की गाड़ी का चालक फरार है। आरोपी जिले से आने जाने वावी ओवरलोड गाड़ियों की एंट्री के नाम पर हर महीने अवैध वसूली करते थे। एआरटीओ की लोकेशन जानने के लिए उन्होंने गाड़ी में जीपीएस डिवाइस लगाई थी।

एक अगस्त की रात को मोहल्ला दयानंद नगर में प्लाट में खड़ी एआरटीओ रोहित राजपूत की गाड़ी के नीचे कार सवार व्यक्ति ने चोरी से जीपीएस डिवाइस लगा दी थी। एआरटीओ की गाड़ी को रात में चेकिंग के बाद चालक बाबूराम अपने घर ले जाता था। प्लाट के सामने नगरपालिका के सभासद अनिल उपाध्याय के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरा मामला कैद होने से इस मामले का खुलासा हुआ था।
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एआरटीओ रोहित राजपूत की तरफ से शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रविवार को एसपी अभिषेक ने बताया कि इस मामले की जांच में आजम, सूफियान और मुसारिक निवासी गांव माल्हीपुर थाना कांधला के नाम प्रकाश में आए थे। आजम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह ओवरलोड गाड़ियों को जिले से निकलवाने के लिए एंट्री लेता है, लेकिन एआरटीओ की गाड़ी में उसने जीपीएस नहीं लगाया था। यह जीपीएस सुफियान व उसकी गाड़ी के चालक मुसारिक ने एआरटीओ की गाड़ी में लगाया था। इसके बाद पुलिस ने सुफियान को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की पूछताछ में सुफियान ने स्वीकार किया कि उसके कहने पर ही उसके चालक मुसारिक ने एआरटीओ की गाड़ी में जीपीएस लगाया था। एसपी के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने एआरटीओ की अनुबंधित दोनों गाड़ी के चालक बाबूराम निवासी मोहल्ला दयानंद नगर शामली व शमीम निवासी आजाद चौक शामली और इनका साथी सुधीर निवासी गांव मालेंडी थाना गढ़ीपुख्ता तीनों को गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों भी ओवरलोडिंग गाड़ियों की एंट्री के नाम पर प्रति माह वसूली कर रहे थे और एआरटीओ की लोकेशन की जानकारी देते थे। ओवरलोड़िंग गाड़ियो की एंट्री कर गाड़ियो को पास कराने के लिये प्रतिमाह पैसे लिये जाते है ।

ये तीनों एआरटीओ की लोकेशन आउट करने के लिये कुछ कोड़ वर्ड का प्रयोग करते थे, जो हर महीने बदलते रहते थे। कोड़ वर्ड बताने वाली ओवरलोड़ गाड़ियो को छोड़ दिया जाता था। सूफियान व आजम के अलग-अलग दो ग्रुप बने हुए थे, जो अपनी गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के लिए कम रुपये लेकर एंट्री कराते थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल कार और जीपीएस को बरामद कर लिया गया है। इस प्रकरण में जीपीएस लगाने वाले आरोपी मुसारिक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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