शामली। जिले में शुरू हुए दस्तक अभियान के पहले दिन 832 आशाओं ने 16642 घरों का भ्रमण कर मरीजों के बारे में जानकारी जुटाई। अभियान के तहत जिन घरों में आठ साल तक बच्चे हैं उनपर फोकस रखा जाएगा। जिले में लगभग 279590 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन बुखार के सात मरीज सामने आए हैं। खांसी, जुकाम के चार और 12 कुपोषित बच्चे पाए गए। आठ घर ऐसे मिलें हैं, जिनमें मच्छरों की भरमार मिली हैं।
जिले में एक अप्रैल से चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के साथ ही सोमवार से दस्तक अभियान शुरू हुआ। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। इसके तहत जिले में सभी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, खांसी, जुकाम, नजला, कोरोना, क्षय रोग, कुपोषित बच्चे और मच्छर प्रजनन वाले घरों की सूची तैयार करेंगी। जिले में कुल 926 आशाएं हैं। एक आशा को रोजाना 20 घरों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया है।जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि सभी मरीजों का नजदीक के स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार दिलाया जाएगा। इस अभियान के के दौरान लोगों को रोगों से बचाव व सावधानी की जानकारी देकर जागरूक भी किया गया।
नोडल अधिकारी ने की समीक्षा
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अतुल बंसल ने संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान की सीएमओ कार्यालय में समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी विभागों की टीमों से कहा संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए बचाव व सावधानियां बताते हुए जागरूक करें। इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार, डॉ. करण चौधरी, वीबीडी कंसलटेंट राजेश कुमारी आदि मौजूद रहे।
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