संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय कुमार के निर्देश के 25 दिन बाद भी जिला प्रशासन को आधुनिक बस अड्डे व डिपो कार्यशाला के लिए 29 हजार वर्गमीटर भूमि नहीं मिल पाई है। निगम इसके लिए सरकारी भूमि चाहता है। सरकारी भूमि उपलब्ध न होने से जिले में रोडवेज के बस अड्डा और कार्यशाला का निर्माण खटाई में पड़ता दिख रहा है।
शहर में दिल्ली रोड पर नगर पालिका परिषद की किराए की भूमि में रोडवेज का बस अड्डा संचालित है। यहां कम भूमि होने से रोडवेज की सभी बसें अड्डे में नहीं आ पाती हैं। दिल्ली, सहारनपुर, पानीपत एवं हरिद्वार जाने वाली रोडवेज और प्राइवेट बसें सड़कों पर खड़ी रहती हैं। जिला बनने के बाद शामली में यूपी रोडवेज डिपो की कार्यशाला के लिए भूमि की तलाश जारी है। डिपो के लिए मुजफ्फरनगर रोड पर फतेहपुर गांव की नौ बीघा भूमि के लिए शासन से 47 लाख रुपये वर्ष 2015 में स्वीकृत हुए थे।
परिवहन निगम को जिला प्रशासन ने फतेहपुर भूमि पर कब्जा दिलाया था। डिपो की भूमि के लिए कार्यालय भवन का एस्टीमेट शासन को भेजा था। इसी बीच निगम की कार्यशाला की 318 वर्गमीटर भूमि पानीपत-खटीमा हाईवे निर्माण में चली गई। इसके बाद डिपो के लिए जमीन कम पड़ गई। बीती एक सितंबर को लखनऊ से यूपी रोडवेज के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय कुमार जिले के दौरे पर आए थे। उन्होंने फतेहपुर गांव में डिपो की भूमि कम बताकर खारिज कर दिया था।
वहीं, डीएम जसजीत कौर को 15 दिन में बस अड्डा और डिपो कार्यशाला निर्माण के लिए 29 हजार वर्ग मीटर भूमि तलाश करने लिए निर्देश दिए थे। एमडी ने बस अड्डा और कार्यशाला के लिए भूमि बाईपास के समीप तलाशने के निर्देश दिए थे। उनके दौरे को 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन भूमि तलाश पूरी नहीं हुई है।
डीएम शामली जसजीत कौर ने बताया कि यूपी रोडवेज के सहारनपुर रीजन केआरएम अनिल कुमार को बलवा, सिभांलका, बनत के पास भूमि दिखाई गई थी। आरएम ने बस अड्डा और कार्यशाला की भूमि को खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि निगम रोडवेज बस अड्डा और कार्यशाला के लिए भूमि निशुल्क अथवा सरकारी भूमि चाहता है। फिलहाल जिला प्रशासन के पास निशुल्क व सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है।