शामली। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को एकीकृत नि:क्षय दिवस पर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी में आए मरीजों में दस प्रतिशत मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही लक्षण वाले मरीजों के नमूने लेकर जांच को भेजे गए। जिले में लगभग 3400 मरीजों की स्क्रीनिंग हई, जिनमें 342 मरीजों के नमूने लेकर जांच को भेजे गए। नमूनों की जांच रिपोर्ट दो दिन बाद आएगी। जिले में इस समय क्षय रोग के लगभग 1474 सक्रिय केस चल रहे हैं।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के तहत जिले की सभी छह सीएचसी, 25 पीएचसी के अलावा सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर ओपीडी में आए मरीजों में लगभग दस प्रतिशत मरीजों की क्षय रोग को लेकर स्क्रीनिंग की गई। जिन मरीजों में क्षय रोग के लक्षण मिले, उनकी जांच के लिए नमूने लिए गए। जिला कार्यक्रम समन्वयक राहुल कुमार ने बताया कि शनिवार को सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों समेत 74 केंद्रों पर एकीकृत नि:क्षय दिवस मनाया गया। इस दिवस पर क्षय रोग को लेकर मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान लगभग 3400 मरीजों की स्क्रीनिंग हुई। लगभग 342 मरीजों में क्षय रोग के लक्षण पाए गए। क्षय रोग की जांच के लिए लक्षण वाले इन मरीजों के नमूने लिए गए। उन्होंने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट सोमवार तक आएगी। इसके बाद ही इन मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि हो सकेगी। इसके बाद क्षय रोगियों का उपचार शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में इस समय लगभग 1474 क्षय रोग के सक्रिय मरीज है। इन मरीजों को नि:शुल्क उपचार दिया जा रहा है।
छूट्टी के बाद सीएचसी में रही मरीजों की भीड़
शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में छुट्टी के अगले दिन शनिवार को सीएचसी में मरीजों की भीड़ रही। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। अधिकतर मरीज वायरल बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के रहे।
सीएचसी शामली में शुक्रवार को आंबेडकर जयंती पर अवकाश रहा। शनिवार को सीएचसी खुली तो सुबह से ही ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। मरीजों की कक्षों के बाद मरीज लाइन में खड़े रहकर अपने नंबर का इंतजार किया। ज्यादातर मरीज वायरल बुखार, नजला, जुकाम व खांसी आदि के सामान्य मरीज रहे। हड्डी रोग से संबंधी मरीजों की भीड़ रही। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि सीएचसी में लगभग 700 मरीज आए। सभी मरीजों की जांच कर उपचार दिया गया।