शासन ने जूनियर और प्राथमिक विद्यालयों के लिए भेजी किट
कावंड़ की छुट्टी के बाद विद्यालयों में होगा किट का वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थी विज्ञान और गणित की किट से पढ़ाई करेंगे। शासन ने प्राथमिक विद्यालयों के लिए गणित की दो-दो किट और जूनियर विद्यालयों को विज्ञान और गणित की एक-एक किट उपलब्ध कराई जाएगी। कांवड़ की छुट्टी के बाद विद्यालयों में किट का वितरण किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य के लिए टीचिंग लर्निंग मैटिरियल (टीएलएम) उपलब्ध कराया जाता है। टीएलएम के तहत शासन ने प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों को विज्ञान और गणित की किट उपलब्ध कराई जाएगी। जिले में कक्षा एक से पांच तक के 504 प्राथमिक विद्यालय हैं। प्रत्येक विद्यालय को गणित की दो-दो किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इन विद्यालयों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को शासन से 1008 किट उपलब्ध हो गई हैं।
इसी तरह जिले में कक्षा छह से आठ तक के 212 जूनियर विद्यालय हैं। जूनियर विद्यालयों के लिए विज्ञान और गणित की एक-एक किट दी जाएगी। पहले चरण में विज्ञान की 100 किट विभाग को मिली हैं। बाकी 112 किट दूसरे चरण में मिलेंगी जबकि गणित की सभी विद्यालयों के लिए 212 किट आ चुकी हैं। कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद विद्यालय खुलने पर किट का वितरण शुरू किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि बच्चों के लिए विज्ञान और गणित की किट शासन स्तर से मिल गई हैं। कांवड़ यात्रा की छुट्टी के बाद विद्यालय खुलने पर इनका वितरण किया जाएगा।
किट में ये हैं मैटिरियल
गणित की किट में छोटी-छोटी टायल्स, लकड़ी के गुटखे, कई तरह की आकृति, डुप्लीकेट मुद्राएं आदि मैटिरियल होता है। जिनके माध्यम से बच्चों को दिखाकर समझाने में आसानी होती है। इसी तरह विज्ञान की किट में भी प्रयोगात्मक सामग्री उपलब्ध होती है।
किट से जल्दी समझते हैं बच्चे
आदर्श प्राथमिक विद्यालय नंबर एक लांक की प्रधानाध्यापिका सुवासिनी ने बताया कि किट में बच्चों को समझाने के लिए मैटिरियल होता है। इस मैटिरियल को जोड़कर कोई भी आकृति व चित्र बनाकर दिखाया जाता है। खेल-खिलौने बनाकर उनके माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जाता है। डुप्लीकेट मुद्राएं जोड़कर संख्या बनाकर दिखाई जाती है। इस तरह से बच्चों को किसी भी वस्तु या टॉपिक को समझने और शिक्षक को समझाने में आसानी होती है। बच्चों के ज्ञान में वृद्धि होती है। उनका कहना है कि कार्ययोजना बनाकर किट की सामग्री का इस्तेमाल करने पर बच्चों के लिए उपयोगी होती है।