शामली। जिले के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, मेरठ-करनाल और पानीपत-खटीमा हाईवे के बाईपास के चौराहों पर सुरक्षा की दृष्टि से एनएचएआई की इंजीनियरों की टीम ने प्रोजेक्ट तैयार कर एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेजा दिया है। चौराहों का प्रोजेक्ट स्वीकृत होने और बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरु होने की उम्मीद जगी है।
जिले में दिल्ली-सहारनपुर, मेरठ-करनाल हाईवे, पानीपत-खटीमा हाईवे और इनके बाईपास के चौराहों पर सुरक्षा की दृष्टि से कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। बलवा, सदर तहसील, भैंसवाल रोड गोहरनी, गढ़ीपुख्ता रोड के बधेव चौराहे पर गोलचक्कर, उपरिगामी पुल, अंडरपास निर्माण परियोजनाओं को कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया था।
पांच माह पूर्व शामली में जाम की समस्या को देखते हुए पानीपत-खटीमा हाईवे के कंडेला-बलवा बाईपास का यातायात खोल दिए जाने के बाद बलवा चौराहे पर हादसा हो गया था। जिसमें महिला की मौत हो गई थी। सड़क सुरक्षा की लापरवाही मानकर घटनास्थल पर लोगों ने प्रदर्शन किया था। दो माह पहले कलक्ट्रेट में केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान की मौजूदगी में शामली जिले के चौराहों की कार्ययोजना तैयार करने का मुद्दा उठा था। दस दिन पूर्व जिले के लोगों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर एनएचएआई बागपत पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। बाईपास के चौराहों की कार्ययोजना तैयार करके बजट स्वीकृत करने की मांग की थी।
मंत्री ने शामली जिले के चौराहों की रिपोर्ट भारतमाला परियोजना के महाप्रबंधक रविद्र सिंह से तलब की थी। एनएचएआई नई दिल्ली की टीम ने शामली आकर चौराहों का मुआयना करने के बाद अपनी रिपोर्ट एनएचएआई मुख्यालय भेज दी है। एनएचएआई बागपत के परियोजना निदेशक एके जैन ने बताया कि शामली जिले के हाईवे और बाईपास के चौराहों के संबंध में परियोजना तैयार करके मुख्यालय भेजी गई है। जल्द ही परियोजना स्वीकृत होने और बजट अवमुक्त होने के के बाद निर्माण कार्य शुरु होगा।