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Shamli News: रोडवेज का सफर अनसेफ, अधिकतर बसों में नहीं फर्स्ट एड बॉक्स और फायर सेफ्टी सिलिंडर

Wed, 31 Jan 2024 02:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली रोड वेज बस अडडे पर बस में नही लगा प्राथमिक बोक्स
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शामली। रोडवेज बसों में सफर करना खतरे से खाली नहीं है। कारण है कि कुछ बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और फायर सेफ्टी सिलिंडर खाली पड़े है। यदि कोई हादसा या आगजनी होती है तो यात्रियों के बचाव की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में सवारियों से टिकट के पैसे वसूलकर रोडवेज केवल उनको गंतव्य तक पहुंचाने का काम करता है, बीच सफर में उनकी जान की कोई परवाह नहीं है।
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मंगलवार को संवाददाता ने रोडवेज बस स्टैंड पर पड़ताल की। जिसमें कुछ बसों में यह सुविधा नहीं मिली। जिसमें बस स्टैंड पर खड़ी मेरठ जाने वाली बस नंबर यूपी 75- एटी-7344 में फर्स्ट एड बॉक्स गायब मिला। दूसरी बस संख्या यूपी 83-बीटी-7538 में भी फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था। शामली डिपो की बस संख्या यूपी-19-एटी -2157 में फर्स्ट एड बॉक्स और सुझाव पेटिका दोनों मिले। यूपी 78-एफटी-8735 में भी फर्स्ट एड बॉक्स और सुझाव पेटिका नहीं थी। एक परिचालक ने कहा कि कल ही फर्स्ट एड बॉक्स लगवाए जाएंगे।
बोले यात्री

राम भरोसे बसें
मेरठ जाने वाले दिलीप खन्ना का कहना है कि रोडवेज की बसें राम भरोसे चल रही है। इन्हें बस पैसे से मतलब है। यात्रियों को कोई सुविधाएं नहीं दी जा रही है।
पुरानी बसों में सुविधाएं नहीं
यात्री विनोद का कहना है कि केवल नई बसों में ही फर्स्ट एड बॉक्स है। पुरानी बसों में ऐसी कोई सुविधा नहीं है। रोडवेज के अधिकारियों को जल्द से जल्द यात्रियों की सुविधा के लिए बॉक्स लगवाने चाहिए।
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लगा रहता है डर
माला सहगल का कहना है कि रोडवेज बसों में बैठकर डर लगता है कि गंतव्य तक सही सलामत पहुंच भी सकेंगे या नहीं। अगर रास्ते में कोई छोटी घटना घट जाए तो उसका बस में ही इलाज हो सके ऐसी सुविधा होनी चाहिए।
यह है नियम

यात्रा के दौरान बसों में अचानक ब्रेक लगने या झटका लगने से यात्री के चेहरे या शरीर पर कहीं चोट आ जाए या खून बहने लगे तो इसके लिए प्रत्येक बस में निर्माण के दौरान ही फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा मुहैया होती है। इसमें रूई, पट्टी, डेटॉल के साथ अन्य उपचार संबंधी मरहम आदि होते हैं। जिससे प्राथमिक उपचार कर तत्काल चोट से बह रहे खून को रोका जा सके। उपचार केंद्र तक पहुंचा जा सके। मगर ज्यादातर बसों से फर्स्ट एड बाॅक्स गायब हैं। इसके अलावा आगजनी पर अंकुश लगाने के लिए फायर सेफ्टी सिलिंडर भी लगाने का नियम है।
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