थानाभवन। शिव मंदिर में पांच दिवसीय देव प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई। तीसरे दिन जलाधिवास, अन्नाधिवास, घृताधिवास, विधि विधान के साथ संपन्न हुआ।
कस्बे की सरस्वती कालोनी स्थित शिव मंदिर में भगवान श्री पंचमुखी हनुमानजी, सिंदूरी हनुमान जी व शनिदेव शीला की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का धार्मिक आयोजन आचार्य पंडित हरिओम शर्मा के साथ पांच पंडित अमित शर्मा, पंडित देवेंद्र शर्मा, पंडित रविकांत शर्मा, पंडित गौरव शर्मा ने कराया। प्राण प्रतिष्ठा के तीसरे दिन आचार्य हरिओम शर्मा के कहा देव प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा का विशेष महत्व है। पत्थर में बनी प्रतिमाओं को धार्मिक अनुष्ठानों, मंत्रोचारण के साथ विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठित किया जाता है। प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से प्रतिमाओं में प्राणों का संचार किया जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सनातन को मानना और जानना आवश्यक है। इसका सरल साधन सत्संग है। सत्संग श्रवण और आचरण में लाने से धर्म की जागृति ज्ञान की प्राप्ति होती है। यही ज्ञान जन कल्याण के साथ-साथ मोक्ष की प्राप्ति तक का सरल साधन बन जाता है। कार्यक्रम में भगवान का जलाधिवास, अन्नाधिवास, प्रातः तथा घृताधिवास, पुष्पाधिवास शाम को धार्मिक अनुष्ठानों पूजा के साथ किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों में डाॅ. वीर सिंह, सुशील पुंडीर, अतुल योगी, बोबी राणा, भारत भूषण शर्मा सपत्नी यजमान रहे।