फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: बेमौसम बारिश से बढ़ा डेंगू का खतरा, बरतें सावधानी

विज्ञापन
विज्ञापन
-मौसम में बार-बार बदलाव व जलभराव से मच्छर पनपने की बनी संभावना
विज्ञापन

-तीन दिन पहले 11 घरों में लार्वा ब्रीडिंग मिलने से डेंगू फैलने के मिले संकेत
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम में हो रहे बदलाव की वजह से मलेरिया से ज्यादा डेंगू का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। तीन दिन पहले दिल्ली से आई स्वास्थ्य टीम के भ्रमण के दौरान 11 घरों में एडीज मच्छर का लार्वा मिला है, जो डेंगू फैलने का स्पष्ट संकेत माना गया है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है और विभाग गांवों में लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। लोगों को डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन

इन महीनों में वैसे तो मलेरिया बुखार का प्रकोप होने की संभावना ज्यादा रहती है और जुलाई से अक्तूबर तक डेंगू बुखार का खतरा ज्यादा रहता है, लेकिन इस बार अप्रैल व मई के महीने में जिस तरह से बार-बार बारिश हो रही है। उससे डेंगू का मच्छर एडीज पनप रहा है। जब बारिश होती है तो मौसम ठंडा हो जाता है और जब धूप निकलती है तो मौसम गर्म होता है। बारिश से जलभराव होने के साथ ही घरों में बेकार पड़े सामान, मिट्टी के बर्तन, पुराने टायर आदि चीजों में पानी भरता है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। इस तरह का मौसम डेंगू के मच्छर पनपने के लिए अनुकूल होता है। पिछले साल 2022 में डेंगू के 91 और 2021 में 200 केस मिले थे। दिल्ली से तीन दिन पहले आई राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की टीम ने पिछले साल के डेंगू प्रभावित गांव मुंडेट कलां और खेड़ाभाऊ का भ्रमण किया था। टीम ने करीब 152 घरों में लार्वा ब्रीडिंग की जांच की तो करीब 11 घरों में एडीज मच्छर का लार्वा मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि एडीज मच्छर के काटने से ही डेंगू होता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में होता है। लोगों को डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। सबसे बेहतर बचाव मच्छर को काटने से रोकने के तरीके अपनाने की जरूरत है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया अप्रैल व मई में जिस तरह से बार-बार बारिश हो रही है, उससे डेंगू का मच्छर पनपने की संभावना बढ़ गई है। कई घरों में डेंगू का लार्वा मिल चुका है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया मलेरिया के साथ डेंगू से बचाव के लिए जल्द ही गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को डेंगू के लक्षण, बचाव और उपचार आदि की जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन

-
डेंगू के लक्षण:
- तेज बुखार होना।
- आंखों के पीछे तेज दर्द होना।
- जी मिचलाना या उल्टी होना।
- मांसपेशियों, जोड़ों व हड्डी में दर्द होना।
- पेट में दर्द होना व भूख कम लगना।
- शरीर पर लाल भूरे रंग के चकत्ते होना।
- ज्यादा थकान, बेचैनी और चिड़चिड़ापन होना।
-
बचाव:
- मच्छर के काटने से खुद को बचाना।
- खुली हुई त्वचा को ढककर रखें।
- रात को सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
- पुराने बेकार मिट्टी के बर्तन, छत पर पड़े पुराने टायर आदि में पानी जमा न होने दें।
- घर व आसपास साफ-सफाई रखें और जलभराव न होने दें।
- फ्रिज के पीछे लगी पानी की ट्रे, कूलर व गमलों के पानी को सप्ताह में खाली कर सुखाएं।
- घर के दरवाजे व खिड़कियों पर बारीक जाली लगवाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें