फरीदाबाद जिले की टीम ने लिंग परीक्षण के अवैध धंधे का किया खुलासा
लिंग परीक्षण करने के नाम पर 40 हजार रुपये में सौदा तय होने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। फरीदाबाद की जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 40 हजार रुपये में लिंग परीक्षण करने के अवैध धंधे का खुलासा कर एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा है। वहीं, शहर कोतवाली में पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार की तरफ से जिला अस्पताल के सीएमएस समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने रिपोर्ट में बताया कि 28 जुलाई को हरियाणा के फरीदाबाद के डॉ. हरजिंदर सिंह, डॉ. अजय गोयल, डॉ. श्वेता व डॉ. सनी डहनवाल ने शामली में जांच के लिए एक महिला को ग्राहक बनाया। एक व्यक्ति को उसका पति बनाकर फोन पर विजयलक्ष्मी नामक महिला से बात कराई। जिसमें बताया कि वे लिंग परीक्षण कराना चाहते हैं। विजयलक्ष्मी ने 40 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया। बीती 21 जुलाई को सिविल अस्पताल में पहुंचने के लिए कहा। उस दिन वे अस्पताल पहुंचे तो उस महिला ने डॉ. सफल कुमार को 40 हजार रुपये देने के लिए कहा। जिस पर स्वास्थ्य टीम ने उन्हें 20 हजार रुपये दे दिए।
इसके बाद डॉ. सफल कुमार ने कहा कि वे रुड़की से अल्ट्रासाउंड मशीन मंगा रहे हैं। उन्होंने बाकी 20 हजार रुपये अल्ट्रासाउंड मशीन लाने वाले व्यक्ति को देने होंगे। उसी दिन चार बजे फर्जी तौर पर ग्राहक बनी महिला व उसका कथित पति डॉ. सफल कुमार से उनके कार्यालय में मिलने गए। इसके बाद वे अल्ट्रासाउंड मशीन लाने के लिए गाड़ी में चले गए। उन्होंने विजयलक्ष्मी को फोन पर मशीन नहीं मिलने की जानकारी देकर दंपती को दो-तीन दिन बाद बुलाया। फरीदाबाद की टीम ने बृहस्पतिवार को फिर शामली पहुंचकर विजयलक्ष्मी से फोन पर बात की। उसने बताया कि डॉ. सफल कुमार को शक हो गया है। इस पर उन्होंने 20 हजार रुपये वापस मांगे। इस बाबत विजयलक्ष्मी ने बताया कि डॉ. सफल ने खेड़ीकरमू निवासी आशीष के भाई मन्नू के खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए हैं। इसके बाद टीम ने आशीष से फोन पर बात की तो उसने गांव खेड़ीकरमू बुलाया। स्वास्थ्य टीम वहां पहुंची तो आशीष ने 20 हजार रुपये लौटा दिए। स्वास्थ्य टीम ने आरोपी आशीष को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीपक चतुर्वेदी का कहना है कि एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार की तहरीर पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार, विजयलक्ष्मी, आशीष और उसके भाई मन्नू के विरुद्ध पीसीपीएनडीटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्जकर आशीष को गिरफ्तार कर लिया है।
उधर, सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि इस मामले से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने किसी के खाते में रुपये ट्रांसफर नहीं किए हैं। इसकी जांच कराई जा सकती है। उन पर लगाए आरोप गलत हैं।