पालिका बोर्ड और ईओ के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति
शामली। नगरपालिका परिषद शामली में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य के ठेके का भुगतान शासनादेश के विपरीत राज्य वित्त/बोर्ड फंड से करने के मामले में डीएम जसजीत कौर ने पालिका बोर्ड और ईओ के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है।
शहर के मोहल्ला दयानंद नगर निवासी पालिका के पूर्व सभासद राजीव मलिक ने करीब तीन माह पहले डीएम जसजीत कौर को शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि नगरपालिका शामली द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य का ठेका दिए जाने में शासनादेश का उल्लंघन करते हुए यूजर चार्ज भवन स्वामियों से न लेकर ठेकेदार को राज्य वित्त/बोर्ड फंड से ही भुगतान किया जा रहा है, जो शासनादेश के विपरीत है। डीएम ने इस मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपी थी। एसडीएम सदर द्वारा 29 सितंबर को डीएम को सौंपी रिपोर्ट में शिकायत को सही पाया। जांच अधिकारी की तरफ से ईओ सुरेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया था।
नोटिस के जवाब में ईओ ने बताया कि नगरीय निकायों में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन के तहत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए यूजर चार्ज शासनादेश के अनुसार लिए जाने संबंधी प्रस्ताव पर चार सितंबर 2019 को हुई पालिका की बोर्ड बैठक में चर्चा हुई थी, जिसमें कहा गया कि हाल ही में भवन कर व जलकर में वृद्धि की गई है, जिस कारण डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए यूजर चार्ज लेना उचित नहीं होगा। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शासनादेश के उल्लंघन में अधिशासी अधिकारी और नगरपालिका परिषद बोर्ड सम्मिलित एवं दोषी प्रतीत होता है।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम जसजीत कौर ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य में शासनादेश के विपरीत कार्य किए जाने, कूटरचित सत्यापन के आधार पर ठेके को संचालित कराने, वित्तीय अनियमितता कर पालिका को वित्तीय हानि पहुंचाने और अवैधानिक रूप से भुगतान किए जाने पर नगरपालिका परिषद शामली बोर्ड और अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन केे रिपोर्ट भेजी है। उधर, राजीव मलिक ने शासन के नगर विकास अनुभाग-चार के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर इस प्रकरण में कार्रवाई की मांग की है।