- वीवी इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर पहुंचे थे विधायक प्रसन्न चौधरी
- भाजपा कार्यकर्ताओं पर मतदान प्रभावित करने की सूचना पर गए थे विधायक
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। वीवी इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर पहुंचे रालोद के सदर विधायक प्रसन्न चौधरी और जिलाध्यक्ष वाजिद अली को पुलिस हिरासत में अपने साथ कोतवाली ले गई। इस दौरान कोतवाली के बाहर रालोद कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने विधायक को घर भेजा। विधायक का कहना है कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं पर मतदान को प्रभावित करने की सूचना पर वे मतदान केंद्र पर गए थे, लेकिन वे बूथ के अंदर नहीं गए थे।
रालोद के सदर विधायक प्रसन्न चौधरी बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे वीवी इंटर कॉलेज शामली मतदान केंद्र पर पहुंचे। उनके साथ रालोद जिलाध्यक्ष वाजिद अली और वीरसिंह मलिक भी थे। यह सूचना मिलने पर सीओ सिटी बिजेंद्र सिंह भड़ाना हमराह पुलिस व अर्द्धसैनिक बल के साथ पहुंचे और मतदान केंद्र के अंदर मौजूद विधायक को पुलिस की गाड़ी में कोतवाली चलने के लिए कहा। इसके बाद विधायक वहां से पैदल चलकर कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने विधायक को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के कार्यालय में बैठाया।
इस दौरान विधायक ने कहा कि उन्हें भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा मतदान को प्रभावित करने की सूचना मिली थी। उन्होंने कोतवाली प्रभारी को इसकी जानकारी दी। इसके कुछ समय बाद फिर उन्हें इसी तरह की जानकारी मिली तो वह वीवी इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर गए थे, लेकिन वे किसी भी बूथ के अंदर नहीं गए। जब वह मतदान केंद्र के बाहर जा रहे थे, उसी समय सीओ सिटी ने उन्हें कोतवाली चलने के लिए कहा। इसके बाद वह पैदल चलकर कोतवाली पहुंचे। इस दौरान उनके साथ सीओ सिटी और पुलिसकर्मी भी साथ रहे। करीब तीन घंटे बाद एएसपी ओपी सिंह शहर कोतवाली पहुंचे और विधायक से बातचीत करने के बाद उन्हें घर भेज दिया।
एएसपी ने बताया कि निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुसार मतदान केंद्र के अंदर वहीं व्यक्ति जा सकता है, जो वहां का मतदाता हो या मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराने वाला व्यक्ति हो। इनके अलावा अगर कोई अन्य व्यक्ति मतदान केंद्र के अंदर जाता है तो वह गलत है। मतदान को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण कराने के लिए अनधिकृत व्यक्ति को मतदान केंद्र के अंदर जाने से रोकने की जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की है। उन्होंने कहा कि विधायक प्रसन्न चौधरी को पुलिस हिरासत में नहीं लिया गया। उन्हें बातचीत के लिए कोतवाली चलने के लिए कहा गया था। बातचीत करने के बाद वे घर चले गए।
मुकदमा दर्ज करो या फिर यहां से जाने दो
सदर विधायक प्रसन्न चौधरी को जब कोतवाली में बैठे हुए करीब ढ़ाई घंटे हो गए तो उन्होंने एएसपी ओपी सिंह से फोन पर बात करते हुए कहा कि उन्हें यहां क्यों बैठाया गया है। अगर उन्होंने कोई गुनाह किया है है तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए या फिर उन्हें यहां से जाने दिया जाए। एएसपी ने उन्हें आधा घंटे में कोतवाली पहुंचने की बात कही। इसके बाद एएसपी कोतवाली पहुंचे और उनसे बात कर करीब साढे तीन बजे उन्हें घर भेजा। विधायक के साथ कोतवाली में रालोद जिलाध्यक्ष वाजिद अली, वीर सिंह मलिक और गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्यामसिंह भी मौजूद रहे।
यह कोई चौपाल नहीं, पुलिस का कार्यालय है
जिस समय रालोद विधायक एएसपी ओपी सिंह से फोन पर बात कर रहे थे, उसी समय रालोद कार्यकर्ता ने प्रसन्न चौधरी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर सीओ सिटी बिजेंद्र सिंह भड़ाना ने सख्त लहजे में उस व्यक्ति को डांटते हुए कहा कि यह कोई चौपाल नहीं है। यह पुलिस का कार्यालय है। इसके बाद पुलिस ने उसे कोतवाली से बाहर निकाल दिया। इससे पहले कोतवाली प्रभारी जब अपने कार्यालय में विधायक से बात कर रहे थे, तो रालोद समर्थक एक व्यक्ति ने कहा कि जिस तरह से भाजपा के कुछ लोग मतदान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, अगर उन्हें भी 20 मिनट की छूट दे दी जाए तो वह भी कुछ करके दिखा सकते हैं। इस बात पर कोतवाली प्रभारी ने उसे हड़काते हुए कहा कि मतदान के दौरान वह कुछ नहीं कर पाएंगे। अगर मतदान के दौरान किसी भी तरह की शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।