चौधरी चरण सिंह की अध्यक्षता में बेमियादी धरने पर भाकियू पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा कि भाकियू के संस्थापक अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने शामली के करमूखेड़ी बिजलीघर से आदोलन की शुरुआत की थी। 2022 में शामली कलक्ट्रेट में धरने को सफल बनाने के किसानों को एकजुट होना पड़ेगा। भाकियू ने 70 साल पुरानी कांग्रेस सरकार के खिलाफ आवाज उठाकर उखाड़ फेंका था। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ भी संघर्ष का रास्ता अपनाया है। भाकियू संस्थापक ने यमुना एक्सप्रेस में किसानों के मुआवजे की लड़ाई लड़ी थी। इसकी बदौलत किसानों को 800 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिला था।
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वहीं, बेमियादी धरने में करमूखेड़ी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले राजेंद्र टीकरी और बिजेंद्र राठी को हरा पटका पहनाकर भाकियू राकेश टिकैत ने सम्मानित किया। धरने का संचालन देवराज पहलवान ने किया।