जलालाबाद। पहले ही किसान मौसम की मार से परेशान थे कि अब बारिश के कारण किसानों की उड़द की फसल बर्बाद हो गई है। हालत ये है कि क्षेत्र के किसानों की 80 से 90 फीसद तक फसल बारिश में गलने से खराब हो गई है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
जुलाई माह में उड़द की फसल की बुआई की जाती है। मगर इस सीजन में क्षेत्र में जुलाई व अगस्त के माह में बारिश हुई। इस वजह से किसानों के खेत तैयार नहीं हो पाए। काफी इंतजार के बाद किसानों ने बामुश्किल समय निकालकर सितंबर माह के शुरू में उड़द की फसल की बुआई की। अब फसल लगते ही फिर बारिश शुरू हो गई। खास बात ये है कि उड़द की फसल को बारिश की आवश्यकता न के बराबर होती है। यह फसल धरती की नमी से ही तैयार हो जाती है। जैसे ही किसानों ने अपने खेतों में उड़द की फसल की बुआई की। इसके कुछ दिन बाद ही बारिश आ गई और बरसात का सारा पानी खेतों में जमा हो गया। इसने उड़द की फसल को गला दिया।
ये बोले किसान
मैंने इस बार आठ बीघा उड़द की फसल लगाई थी, लेकिन बारिश ने सारी फसल बर्बाद करके रख दी। इस बार एक दाना भी घर नहीं पहुंचेगा।नदीम राव, किसान
हमने पांच बीघा उड़द की फसल लगाई थी ताकि कुछ घर में इस्तेमाल हो सके और कुछ बेचकर परिवार का गुजारा हो सके। मगर इस बार बेचना तो दूर घर चलाने के लिए उड़द खरीदने पड़ेंगे। आर्येश सैनी
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