शामली। शुद्धता के दावे कर जिले में आवश्यक खाद्य वस्तुओं में मिलावट का खेल जोरों पर चल रहा है। मिलावटी खाद्य पदार्थ आम नागरिकों को पराेसकर उनकी सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो साल में आवश्यक खाद्य वस्तुओं में मिलावट चौंकाने वाले आंकड़े आए हैं। दो साल में ही 130 नमूने फेल हो चुके हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021-22 में आवश्यक खाद्य वस्तुओं के 125 से ज्यादा नमूने लिए गए। इनमें से 58 नमूने शुद्धता के मानक पर खरे नहीं उतरे, ये सभी नमूने फेल हो गए। जिन खाद्य पदार्थाें के नमूने फेल पाए गए उन्हें शुद्धता की गारंटी देकर बेचा जा रहा था। अकेले दूध के 33 नमूनों के मामलों में 5.30 लाख का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा दूध से बनने वाली मिठाई के 17, सरसों के तेल के 17, मावा और पनीर के 7-7, घी के 5, क्रीम के तीन, रिफाइंड का एक, कलर सब्जी का एक, मसाले के दो, दाल के आठ, बिना दूध वाली मिठाई के तीन, बेकरी उत्पाद के आठ, नमक के तीन, काॅफी के चार, अनाज का एक नमूने लिए गए। आंकड़ों के अनुसार 140 वाद एडीएम कोर्ट में दायर करके 17.10 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
एक अप्रैल 2022 से लेकर 31 मार्च 2023 में आवश्यक वस्तुओं के 221 नमूने लिए गए। 88 वाद दायर करके 7.26 लाख अर्थदंड वसूला गया। प्रयोगशाला में भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक 72 नमूने फेल हो गए। लिए गए 221 नमूनों में 43 दूध, 19 मावा, 28 दूध की मिठाई, पनीर और घी के 3-3, अन्य मिठाई के 11, सरसों तेल के 10, रिफाइंड के तीन, वनस्पति घी के दो, गेहूं, चना, बाजरा, अनाज आदि के 19, मसाले के छह, दाल के चार, कोल्ड ड्रिंक के पांच, बेकरी उत्पाद के 18, नमकीन के सात, नमक के चार, पानी का एक, मिस ब्रांड 17 नमूने लिए।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज तोमर ने बताया कि ज्यादातर दूध में पानी की मिलावट की शिकायतें मिलती हैं। इसी प्रकार मसालों के नमूने अधोमानक पाए जाते हैं।
- पूरे साल चलता है मिलावटी मावा तैयार करने का काम
दूसरे प्रांतों को बिक्री के लिए भेजा जाता है
शामली। जिले के कैराना, कांधला, थानाभवन और ऊन क्षेत्र में गर्मी में सिंथेटिक मावा तैयार करने का काम शुरू होता है। वैसे तो पूरे साल मिलावटी मावा बनाने की गांव-गांव भट्ठियां चलतीं हैं। मई और जून से दीपावली और होली तक मिलावटी मावा तैयार करके हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड में बिक्री के लिए मावा भेजा जाता है।
- कैसे करे पहचान, बरते सावधानियां
खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त डाॅ. चमन लाल ने बताया कि जिले के उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की पहचान के लिए खाद्य सामग्री पैकिंग की तिथि, प्रयोग होने वाली तिथि, कंपनी ब्रांड, नाम-पता देख करके खरीददारी करें। मिलावटी आवश्यक खाद्य वस्तुओं की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मिलावट करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिला स्तरीय न्यायालयों में वाद दायर किए जा रहे हैं।