134 गांवों में ही मिल पाई जमीन
योजना के तहत जब भूमि तलाश की गई तो 239 में से 134 गांवों में ही जमीन मिल पाई। इनमें से अभी तक मात्र 38 गांव में ही कार्य पूरा हो सका है। 96 गांवों में ग्रामीणों को शुद्ध जल के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। इनमें से किसी गांव में 60 प्रतिशत तो किसी में 50 प्रतिशत तो कई गांवों में 40 प्रतिशत के ही करीब कार्य हुआ है।
कई गांवों में सड़कों उखाड़ दिया है, लेकिन पाइप लाइन तक नहीं बिछाई है। इससे ग्रामीण भी काफी परेशान हैं। कंपनी के धीमी गति से कार्य करने पर प्रशासनिक और जल निगम के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में 2024 तक हर घर जल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा।
इन गांवों में हुआ कार्य पूरा
ऊन ब्लॉक के दथहेरा, टोड़ा, खेड़ी खुशनाम, ताना, गढ़ी हसनपुर, गागौर, गंगारामपुर खेड़ी, बिड़ौली, मुंडेट खादर, सूभरी, हसनपुर, राझड़, थानाभवन ब्लॉक के मनट मन्टी, यारपुर, खेड़ागदाई, कैल शिकारपुर, उमरपुर, जाफरपुर, दखौड़ी जमालपुर, भंदौड़ा, काजीपुर, ठिर्वा, मस्तगढ़, शामली ब्लॉक के जलालपुर, गोहरनी, जंधेड़ी, कांधला ब्लॉक के आल्दी, कैराना ब्लॉक के टिटौली, गंदराऊ, बीबीपुर की हटिया, अलीपुर आदि गांव शामिल हैं।
जल जीवन मिशन के तहत कार्य तेजी से किया जा रहा है। उनका लक्ष्य सभी घराें तक शुद्ध पानी पहुंचाने का है। कंपनी को भी तेजी से कार्य करने के आदेश दिए गए हैं। जिन गांवों में जमीन नहीं मिली है उसके लिए पंचायतों को पत्र लिखा गया है। -मनोज कुमार पाल, अवर अभियंता, शामली।