शामली जिले में पंजाब नेशनल बैंक के 90 करोड़ रुपये डूब गए हैं। 90 करोड़ रुपये डिफाल्टर होने के बाद बकायेदारों की वसूली नही हो पाई हैं। इनमें ज्यादा पैसा 50 करोड़ रुपये उद्योग, हाउसिंग ,एजूकेशन, रिटेलर व व 40 करोड़ रुपये कृषि का शामिल हैं।
जिले में पंजाब नेशनल बैंक लीड बैंक है। उद्योगों, कृषि एवं हाउसिंग व एजूकेशन को बढ़ावा दिए जाने के मकसद से बैंको ने धनराशि उपभोक्ताओं को दी थी। इनमें जिले में 90 करोड़ रुपये के खाते एनपीए घोषित किए गए हैं, जिनमें पंजाब नेशनल बैंक के उद्योगों, हाउसिंग ,एजूकेशन, रिटेलर के 50 करोड़ रुपये और 40 करोड़ रुपये कृषि के खाते के हैं। लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ 90 करोड़ रुपये का शामली जिला का यह आंकड़ा पंजाब नेशनल बैक की 19 शाखाओं का हैं, जबकि जिले में 120 बैंकों की शाखाएं हैं। अगर इन सभी बैंकों को की राशि को एनपीए में शामिल किया जाएगा तो यह संख्या कई गुणा हो जाएगी। लीड बैक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक का 90 करोड़ रुपये एनपीए घोषित हो चुका है। एनपीए शामिल होने का मतलब उपभोक्ता डिफाल्टर घोषित हो चुके हैं। इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
10 दिन के बाद शुरू की चेक क्लीयरेंश व्यवस्था
शामली। बैंक का साफ्टवेयर बदले जाने के बाद क्लीयरेंश की स्थिति अभी काबू में नहीं आ पाई है। जिले के उपभोक्ताओं के चेक क्लीयरेंश नही हो पा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक में साफ्टेयर बदलने के दस दिन तक क्लीयरेंश का कार्य नहीं हो पाया था। तीन दिन से बाहर के बैंकों के चेक क्लीयरेंश होना शुरू हो गया है। फरवरी माह में चेक क्लीयरेंश की समस्याओं का समाधान हो पाएगा।
देशभर में पंजाब नेशनल बैंक में साफ्टवेयर बदलने के फेर में जनवरी माह के आखिरी सप्ताह से दूसरे बैंकों के करोड़ों के चेक क्लीयरेंश में फंस गए थे, जिनका भुगतान नहीं होने से उद्यमी, व्यापारी, आम उपभोक्ता परेशान हैं। शहर के मोहल्ला रामसागर निवासी सुमनदेवी ने बताया कि उसके पति का चेक पंजाब नेशनल बैंक मार्शगज मंडी में आठ फरवरी को क्लीयरेंश में लगाया था। बैंक के अफसरों का कहना है कि चेक क्लीयरेंश में चेक मुजफ्फरनगर में गए हैं, वहां से आने के बाद चेक का भुगतान हो पाएगा। शहर के बुढ़ाना रोड की पंजाब नेशनल बैक की
शाखा प्रबंधक नीरज कुमार का कहना हैं कि साफ्टवेयर से आ रही परेशानी के संबंध में बैंक में नोटिस चस्पा कर दिया गया है। उनका कहना है कि साफ्टवेयर में आ रही परेशानी से उपभोक्ता की लेनदेन प्रभावित हुआ है। एलडीएम ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक में साफ्टवेयर से आरही परेशानी का इस माह जल्द समाधान होजाएगा।