शामली। मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद भी जिलेभर में 15 अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करना संभव नहीं है। कारण लोक निर्माण विभाग को अभी तक पूरा बजट नहीं मिला है। सड़कों में गड्ढों से वाहन चालक जूझ रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी 15 अक्तूबर तक जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य दिया है। शामली जिले में दिल्ली-शामली, सहारनपुर, पानीपत -खटीमा हाईवे और मेरठ- करनाल हाईवे और बाईपास के अलावा कैराना-कांधला, खतौली और थानाभवन- चरथावल मुजफ्फरनगर मार्ग, जलालाबाद -गंगोह और नुकड मार्ग समेत 410 ग्रामीण सड़कें हैं। शहरी क्षेत्र की सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी नगर निकायों, जिला पंचायत, मंडी परिषद आदि विभागों की होती है।
जिले में सिंभालका बाईपास से लेकर टपराना बाईपास तक, अजंता चौक से लेकर सिटी ग्रीन, लिलौन गांव से लेकर बलवा बाईपास तक, मेरठ करनाल हाईवे से लेकर मुंडेट खुर्द गांव तक, सहारनपुर तिराहे से लेकर अंबा विहार तक सड़को़ में जगह जगह गड्ढे हैं मगर मरम्मत कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
यह बोले लोग
सिंभालका निवासी कंवर पाल और अमित कुमार का कहना है कि शहरी क्षेत्र की मेरठ- करनाल हाईवे का निर्माण कार्य शुरु नही हो पाया है। जिससे परेशानी हो रही है। करनाल रोड निवासी संजीव कुमार कश्यप और रोहित कश्यप का कहना है कि बरसात खत्म हुए 20 दिन से ज्यादा समय गुजर गया है। सड़क मरम्मत कार्य चालू नहीं हुआ है। परवेंद्र का कहना है कि शहरी क्षेत्र में अजंता चौक से लेकर सिटी ग्रीन और लिलौन गांव से बलवा बाईपास तक सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा रहे।
इन सड़कों पर कार्य शुरू हो पाया
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार शर्मा ने बताया कि शामली- मालैंडी, दुल्ला खेड़ी, थानाभवन- मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, नुकड़, गंगोह, डुंडूखेड़ा, गढ़ी रामकौर, गंगेरु आदि में सड़कों का मरम्मत का काम शुरू हो गया है। ्जिले की 75 ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत के लिए तीन करोड़ रुपये की धनराशि का बजट मांगा गया है। शासन से एक करोड़ रुपये की धनराशि का बजट प्राप्त हो चुका है। दो करोड़ रुपये की धनराशि का बजट मिलना अवशेष है। उनका कहना है कि आगामी 31 अक्तूबर तक सडकों की मरम्मत का कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।