शामली। डीएम रविंद्र सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट में एनएचएआई के अफसरों की बैठक में एनएचएआई बागपत के परियोजना निदेशक पीके सिन्हा नहीं पहुंचे। डीएम ने परियोजना निदेशक को तीन-चार दिन में एनएचएआई की परियोजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट के साथ तलब किया है। वहीं दिल्ली-देहरादून इकोनाॅमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने डीएम रविंद्र सिंह से मुलाकात करके अपनी मांग रखी।
बैठक में जिले में चल रहे एनएचएआई के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। ढाई घंटे से ज्यादा समय तक चली बैठक में एनएचएआई बागपत के परियोजना निदेशक पीके सिन्हा नहीं पहुंचे। डीएम रविंद्र सिंह ने उन्हें नोटिस जारी करके अगले तीन-चार दिनों में बुलाया है। बैठक मे डिप्टी मैनेजर ललित पाल मौजूद रहे।
इस दौरान दिल्ली-देहरादून इकोनाॅमिक काॅरिडोर किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक के साथ में किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम से मुलाकात की। किसानों ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनाॅमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे की जद में नलकूपों का मूल्यांकन के बाद रिवाइज एस्टीमेट के अनुसार बढ़ा हुुआ मुआवजा नहीं मिला है। 26 नालियाें का निर्माण, बाबरी पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने, किसानों को खेतों में आने-जाने के लिए रास्ता दिए जाने, पुलों के किनारे सर्विस रोड दिए जाने, जिले में एनएचएआई का कार्यालय स्थापित करने की मांग की। पुलों के बराबर में चहारदीवारी का विरोध किया गया।
एडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि एनएचएआई की बैठक में बागपत परियोजना निदेशक पीके सिन्हा नहीं आए। डीएम की ओर से नोटिस जारी करके तीन-चार दिन में परियोजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट के साथ तलब किया गया है। दूसरी ओर, एनएचएआई बागपत के नवागत परियोजना निदेशक पीके सिन्हा ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे का स्थलीय निरीक्षण करके किसानों की समस्याओं की जानकारी ली। बैठक में निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मेनेजर, एनएचएआई के अफसर मौजूद रहे।