- 30 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में से महज दो ने दिया सहमति पत्र
- 50 साल पुराने माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए मिलेगी सहयोगी अनुदान राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शासन ने 50 साल पुराने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णाद्धार, मरम्मत, पुन: निर्माण और अवस्थापना सुविधाओं के लिए प्रोजेक्ट अलंकार योजना चलाई गई है। इस योजना में शासन की तरफ से सहयोगी अनुदान राशि दी जाएगी। इस योजना के दायरे में 28 विद्यालय आते हैं, जिनमें से अभी तक मात्र दो विद्यालयों ने सहमति पत्र दिया है।
प्रोजेक्ट अलंकार योजना की शासन ने पिछले साल शुरूआत की थी। उस समय इस योजना के दायरे में अशासकीय सहायता प्राप्त 75 साल पुराने माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया था। इस दायरे में जिले के सात विद्यालय आए थे, लेकिन किसी भी विद्यालय ने इसमें रुचि न लेते हुए सहमति पत्र जमा नहीं किया था।
इस बार शासन ने 75 साल के स्थान पर 50 साल पुराने विद्यालयों को शामिल किया है। इसके दायरे में अशासकीय सहायता प्राप्त जिले के कुल 30 विद्यालयों में 28 विद्यालय आते हैं। योजना की शर्त ये है कि माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 300 से कम नहीं होनी चाहिए। साथ ही विद्यालय प्रबंध समिति जितनी धनराशि मरम्मत, जीर्णोद्धार या पुन: निर्माण पर खर्च करेंगे, उसके बराबर ही सहयोगी अनुदान राशि शासन की तरफ से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके विए विद्यालय समिति को कार्यों के प्रस्ताव के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में सहमति पत्र जमा करना होगा।
पिछले महीने 26 अगस्त को सहारनपुर के संयुक्त निदेशक शिक्षा राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन ने शामली में विद्यालयों के प्रबंधकों की बैठक लेकर योजना के लाभ की जानकारी देते हुए इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया था। इसके बाद भी विद्यालय प्रबंध समिति इस योजना में रूचि नहीं ले रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि शासन की 50 साल पुराने माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार व मरम्मत के लिए सहयोगी अनुदान राशि देने की योजना है। इस योजना के दायरे में जिले के 28 विद्यालय आते हैं। अभी तक दो विद्यालयों आर्य कन्या इंटर कॉलेज कैराना और मुरली मनोहर इंटर कॉलेज इस्सोपुर टील का सहमति पत्र मिला है।