शामली। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विभिन्न दलों के दिग्गज अपने-अपने समीकरण के सहारे जीत के आंकड़े पेश कर अपनी दावेदारी कर रहे हैं। भाजपा से संभावित प्रत्याशी जहां राम मंदिर, नगर निकाय चुनाव में जीत के आंकड़ों को अपनी जीत सुनिश्चित का समीकरण बता रहे हैं। वहीं सपा मुस्लिम, जाट और अन्य जातियों के वोट को जीत का आधार बता रही है। जयंत चौधरी के भाजपा से गठबंधन के बाद कांग्रेस और बसपा ने अधिक मजबूत बताते हुए जीत का दावा किया है। आम आदमी पार्टी ने भी हर वर्गों के साथ को अपनी जीत का आधार बताया है।
कैराना लोकसभा सीट पर हालांकि अभी किसी भी दल ने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है लेकिन भाजपा और रालोद के गठबंधन के बाद से कैराना लोकसभा सीट पर समीकरण बदल रहे हैं। संभावित प्रत्याशी अपने पक्ष में जीत के आकंड़े पेश करने के साथ ही गांव-गांव जाकर मतदाताओं से जनसंपर्क में जुट गए हैं।
बसपा का दावा गठबंधन के बाद वह सबसे अधिक मजबूत
बसपा के जिला प्रभारी सुनील कुमार जाटव का कहना है कि हाल ही में भाजपा और रालोद ने गठबंधन किया है। जिसके कारण मुस्लिम और जाट समाज के लोग छिटककर बसपा के पक्ष में आए गए हैं। मुस्लिम, अति पिछड़ा, जाट और अन्य हर वर्गों के लोग बसपा को समर्थन दे रहे हैं, जो जीत का आधार बनेगा। बसपा सुप्रीमो जिसे भी प्रत्याशी घोषित करती है, उसे मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा।
कांग्रेस को मिलेगा जाट और मुस्लिम मत, यही जीत का आधार
कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी का कहना है कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है, जिस पर सभी वर्गों के लोगों का विश्वास बना हुआ है। किसान से लेकर मजदूर और हर वर्ग के लोग कांग्रेस के साथ हैं। बूथ स्तर पर भी कांग्रेस मजबूत हुई है। रालोद के चौधरी जयंत सिंह के भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद जाट और मुस्लिम कांग्रेस के पक्ष में खड़ा हुआ है। बकाया गन्ना भुगतान और गन्ने का वाजिब दाम नहीं मिलने को लेकर भी लोगों में भाजपा के प्रति आक्रोश है। यही लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का आधार बनेगा।
राम मंदिर और मुस्लिम मत भाजपा की जीत का आधार
भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि मोदी और योगी सरकार ने लोगों की अपेक्षाओं से अधिक काम किए हैं। मुस्लिम वर्ग भी आज भाजपा से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़ रहा है। भाजपा ने सभी वर्गों के हित के लिए कार्य किया है। राम मंदिर निर्माण के बाद भाजपा का वोट बैंक काफी बढ़ा है। निकाय चुनाव का परिणाम भी भाजपा की जीत का आधार होगा। जिसे भी प्रत्याशी घोषित किया जाता है, उसे मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा।
रालोद का दावा मुस्लिम-जाट एवं अन्य मतदाता भी आएंगे साथ
रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी वाजिद अली का कहना है कि रालोद और भाजपा के गठबंधन के बाद विपक्ष के पास कोई वोट बैंक नहीं बचा है। जाट-मुस्लिम तो पहले से ही रालोद के साथ थे, मगर अब अति पिछड़ा, कश्यप, दलित एवं अन्य वोट भी रालोद को मिलेगा। यही जीत का आधार होगा। जिसे भी कैराना लोकसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया जाता है, उसे मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा।
सपा का दावा अब एकतरफा मिलेंगे मुस्लिम-जाटों के वोट
सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी का कहना है कि रालोद और भाजपा के गठबंधन के बाद मुस्लिम और जाट वोट शत प्रतिशत सपा को मिलेगा। हालांकि, पहले से भी मुस्लिम और जाट सपा के साथ है। अन्य सभी वर्गों के लोग सपा के साथ है, जो सपा की जीत का आधार बनेगा। सपा बूथ स्तर पर मजबूत हुई है।
तैयारी पूरी, बस चुनाव घोषणा का इंतजार
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष सोराम सिंह का कहना है कि अब तो सिर्फ चुनाव घोषणा का इंतजार है। पार्टी हाईकमान जिसे प्रत्याशी घोषित करेगा, उसे हर हाल में चुनाव जिताया जाएगा। आम आदमी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है।
सीट का हाल
कैराना लोकसभा में पांच विधानसभा शामली, कैराना, थानाभवन, नकुड़ और गंगोह शामिल है।
सीट पर मतदाताओं की संख्या 17 लाख से अधिक है।
हर रोज बढ़ रही संभावित दावेदारों की संख्या
कैराना लोकसभा सीट पर वर्तमान में भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी काबिज हैं। भाजपा से अब खुद सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे मनीष चौहान, स्व. हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह दौड़ में है। वहीं, सपा से हसन परिवार की इकरा हसन, प्रोफेसर सुधीर पंवार प्रत्याशी की दौड़ में हैं। इसी तरह कांग्रेस से मधु सैनी, सुभांगी अग्रवाल, जिला सचिव संदीप शर्मा, डॉ. चैन सिंह पुंडीर टिकट के लिए प्रयासरत है। इसी तरह रालोद से पूर्व विधायक रहे नवाजिश आलम, पूर्व विधायक राव वारिस और रालोद जिलाध्यक्ष वाजिद अली, रालोद विधायक प्रसन्न चौधरी दौड़ में हैं। बसपा और आम आदमी पार्टी से अभी कोई संभावित दावेदार सामने नहीं आया है।