शामली स्टेशन पर सरकारी आवास के लिए रखा गया सामान।
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शामली। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेल लाइन के दोहरीकरण-विद्युतीकरण के मद्देनजर हिंड स्टेशन पर रेलवे की भूमि पर टपरी और जड़ौदा की तर्ज पर पावर सप्लाई के लिए टीसीएस सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। शामली में खाली पड़ी रेलवे की भूमि में अफसरों एवं कर्मचारियों लिए 80 आवासों के निर्माण का काम शुरू हो गया है। यह निर्माण कार्य एक साल में पूरा हो जाएगा।
दिल्ली से शाहदरा से लेकर टपरी तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण-विद्युतीकरण का 2016 में रेलवे के बजट में 1600 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया था। दिसंबर 2017 में रेलराज्य मंत्री मनोज सिंहा ने सहारनपुर के नानौता रेलवे स्टेशन परिसर में दोहरीकरण, विद्युतीकरण का शिलान्यास किया था। इसमें शामली में ओवर ब्रिज, प्लेटफार्म का विस्तारीकरण एवं सिगनलों को दुरुस्त किया जाना, दोहरीकरण में रेलवे फाटकों पर अंडरपास का कार्य प्रस्तावित है। दोहरीकरण में शाहदरा से लेकर टपरी तक सहारनपुर खंड में अंडरपास का ज्यादा कार्य पूरा हो चुका है। रेलवे अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यालय एवं आवासों के लिए भूमि आरक्षित कर ली गई थी।
उत्तर रेलवे के सिग्नल इंजीनियर सतीश कुमार ने बताया कि शामली रेलवे स्टेशन पर कई दिन से सिग्नल बदलने का कार्य चल रहा हैं। एक माह पूर्व मेेरठ के सेक्शन इंजीनियर शामली रेलवे स्टेशन पर आए थे। जिन्हें केबिल सर्वे के लिए भूमि छोड़कर कार्य करने की अनुमति दी गई थी। उनका कहना है कि विद्युतीकरण के लिए टपरी सहारनपुर एवं जड़ौदा मुजफ्फरनगर जिले की तर्ज पर पावर सप्लाई के लिए टीसीएस सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। पहले टीसीएस सब स्टेशन शामली में प्रस्तावित था, अब यह हिंड रेलवे स्टेशन में बनाया जाएगा। इस सब स्टेशन से शामली जिले के रेलवे स्टेशनों को बिजली आपूर्ति दी जाएगी।
उत्तर रेलवे के ईडीएन आरई ने हरज्ञान सिंह ने बताया कि विद्युतीकरण के मद्देनजर अफसरों के 80 आवास एवं कार्यालय के लिए भूमि आरक्षित कर बुनियाद भरने का कार्य पूरा कर लिया गया है। आवासीय भवनों के लिए निर्माण के लिए पानीपत की आशीर्वाद कंपनी को दिया गया है। एक साल में शामली में आवासीय और कार्यालय भवन निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।