- कांवड़ शिविरों में जनरेटर से आपूर्ति करने को मजबूर संचालन
- 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति हो रही ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। हरिद्वार कांवड़ यात्रा के दौरान सावन में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण लगातार बिजली कटौती जा रही है। रात और दिन में कई बार-बार बिजली गुल होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कांवड़ शिविर संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। शिविर संचालकों को जनरेटर चलाकर कांवड़ियों को बिजली आपूर्ति की सुविधा दी जा रही है।
हरिद्वार कांवड़ के तहत शिवभक्तों की सुविधाओं के लिए धार्मिक, सामाजिक स्वंयसेवी संगठनों ने शामली जिले में बुटराड़ा से लेकर कैराना यमुना ब्रिज और शामली में विजय चौक से लेकर बिडौली यमुना पुल तक कांवड़ सेवा शिविरों को लगाया हुआ है। ज्यादातर कांवड़ सेवा शिविरों के संचालक जनरेटर की व्यवस्था करते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश शासन ने पावर काॅरपोरेशन को कांवड़ यात्रा के दौरान 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के देने के निर्देश हैं।
श्री सर्व मंगला शिवशिक्त सेवा समिति की ओर से रजवाड़ा फार्म में लगाए गए शिविर के अध्यक्ष राजेंद्र संगल ने बताया कि बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति न मिलने से 62 केवी के दो जनरेटरों से शिविरों को बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। जनरेटरों पर डीजल और तेल का 15 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, ग्लोबल शांति केयर अस्पताल और रेड क्राॅस सोसाइटी की ओर से लगाए कांवड़ चिकित्सा शिविर के संचालक कुशांक चौहान ने बताया कि बारिश में बिजली आपूर्ति बाधित होने से शिविरों में जनरेटर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। जिसमें अतिरिक्त खर्च आ रहा है। विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता रामकुमार सिंह ने बताया कि बारिश और हवा चलने से फाल्ट होने की आशंका के चलते आपूर्ति बंद कर दी जाती है। बारिश और हवा बंद होने के बाद बिजली आपूर्ति को बहाल किया जाता है।