कैराना (शामली)। देर रात पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान अमित हत्याकांड के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिनमें से एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। हत्यारोपियों द्वारा चलाई गई गोली से एक कांस्टेबल भी घायल हो गया। वहीं रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का चालान कर दिया। जांच में सामने आया है कि बिना नंबर की बाइक से वारदात को अंजाम दिया जा रहा था।
एक मई की सुबह भूरा रोड स्थित तौहीद के ईख के खेत में 25 वर्षीय अमित का शव मिला था। मृतक के भाई ने कोतवाली पर एक युवती सहित चार लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। शनिवार रात करीब 11 बजे ऊंचागांव के पास मायापुर रजवाहा पुलिया पर पुलिस ने अमित हत्याकांड के बाइक सवार दो आरोपियों की घेराबंदी कर ली। इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक कांस्टेबल अमित मवी व एक बदमाश अमन त्यागी निवासी गांव ताजपुर थाना बापौली गोली लगने से घायल हो गए थे।
पुलिस ने अमन त्यागी व उसके साथी अंकुश उर्फ लंबू निवासी गांव मालपुर थाना बापौली को गिरफ्तार कर लिया था। बदमाशों के कब्जे से एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस व एक खोखा कारतूस व बिना नंबर प्लेट की चोरी की एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार किए गये दोनों हत्यारोपियों का चालान करके कोर्ट में पेश कर दिया जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
- लाखों की रकम हड़पने के लिए की थी अमित की हत्या
गिरफ्तार कि गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चारों आरोपियों ने गांव खेड़ी तगान थाना बड़ीगांव में बैठकर प्लान बनाया था कि अमित (मृतक) की माता के खाते में आठ से दस लाख रुपये हैं। अमित को हरिद्वार घुमाने के लिए ले चलते हैं। प्लान के अनुसार 30 अप्रैल को सभी लोग अमित को साथ लेकर उसकी कार लेकर शाम के समय पानीपत से हरिद्वार के लिए चल दिए। पानीपत से ही दो बोतल शराब, एक बीयर की बोतल ली तथा रास्ते में सभी ने शराब पी थी तथा शराब में बीयर मिलाकर अमित को ज्यादा पैक दिए थे। जब अमित नशे में हो गया तो अंकुश त्यागी ने अमित से उसकी मां के बैंक खाते की ट्रांजेक्शन आईडी व पासवर्ड मांगा था। अमित के नहीं बताने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। जबरदस्ती पासवर्ड लेकर अंकुश त्यागी ने मृतक की मां के खाते से 1 लाख 25 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांजेक्शन कर लिए। पुलिस में शिकायत के डर से हम चारों ने मिलकर अमित का गला दबा दिया था। जिससे अमित की मृत्यु हो गयी थी तथा उसके शव को भूरा रोड़ पर सब्जी मंडी से आगे आम के बाग के निकट ईख के खेत के पास डालकर अमित की गाड़ी व मोबाइल लेकर भाग गए थे।