शामली। सरकार ने बीती 22 जुलाई को अभियान चलाकर 30 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर रिकाॅर्ड बनाने का दावा किया था। शामली जिले में 12 लाख पौधे विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाकर अधिकारियों के अनुसार रोपे गए। वहीं लगातार पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। मगर इसे विभागीय अधिकारियों की अनदेखी कहा जाएगा या फिर लापरवाही कि अभियान के मात्र 9 दिन बाद ही लगाए गए पौधे बदतर स्थिति में पहुंच गए हैं। टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर पड़ताल की तो कुछ स्थानों से जहां पौधे गायब मिले। वहीं कुछ स्थानों पर देखरेख के अभाव में पौधाें को बकरियां खा गईं। हालांकि, कुछ स्थानों पर पौधे लहराते भी मिले। टीम को पड़ताल के दौरान कुछ इस तरह का नजारा देखने को मिला... संवाद
स्थान : बनत स्थित उधम सिंह खेल स्टेडियम, समय : दोपहर 12 बजे
यहां पर विभागीय अधिकारियों ने व्यापक स्तर पर 22 जुलाई को पौधे लगाए थे। पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी भी विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई थी, मगर कई पौधे जहां गायब मिले। वहीं यहां पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि कुछ पौधों को बकरी और भेड़ खा गई हैं। कुछ पौधे गिरे हुए भी थे।
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स्थान : कृष्णा नदी किनारे, समय : दोपहर 1 बजे
यहां पर लगाए गए कई पौधे ही गायब थे। हालांकि, कुछ पौधे लहराते दिखाई दे रहे थे। पूछने पर सोहनवीर और अतुल नाम के व्यक्ति ने बताया कि देखरेख के अभाव में लगाए गए पौधे नष्ट होने के कगार पर पहुंच गए हैं। कुछ पौधों को लोेगों ने भी उखाड़ लिया है।
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स्थान : जलालाबाद का जैन मंदिर मार्ग, समय : दोपहर बाद 4 बजे
यहां पर अभियान के दौरान कई पौधे लगाए गए थे। अधिकतर पौधे यहां पर देखरेख के अभाव में सूख चुके हैं। वहीं कुछ हरे भरे भी है, मगर पानी आदि नहीं देने के कारण वह भी सूखने के कगार पर ही पहुंच गए हैं। लोगों ने बताया कि देखरेख के अभाव में पौधे सूख रहे हैं।
स्थान : माता टिल्ले के पास, समय : शाम 4 :30 बजे
यहां पर कुछ पौधे पूरी तरह से सूख चुके हैं, जबकि कुछ पौधे हरे भी मिले। लोगों ने कहा कि फोटो खिंचवाकर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी चले गए। उनकी देखरेख की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
स्थान : विकास भवन, समय : शाम 5 बजे
यहां पर लगाए गए कई पौधे सूख गए थे, जबकि कुछ उखड़े पड़े थे। इसके अलावा कई पौधे जड़ों में रोग लगने के कारण सूखने के कगार पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, कुछ पौधे यहां पर हरे भरे भी नजर आए।
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हर ब्लॉक में देखरेख को टीमें की गई हैं तैनात
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग ने लगाए गए पौधों की देखरेख के लिए हर ब्लाॅक में एक दरोगा, कर्मचारी और अन्य की ड्यूटी लगाई हुई है। यह नियमित रूप से पौधों की देखभाल से लेकर पानी देने का काम कर रही हैं।
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इन्होंने कहा....
22 जुलाई को अभियान के तहत जिलेभर में 12 लाख पौधे लगाए गए थे। पौधों को उखाड़कर ले जाने, सूखने या फिर भेड़ बकरी द्वारा खाने की जानकारी नहीं है। जानकारी कराकर संबंधित कर्मचारियों से जवाबदेही की जाएगी। प्रयास रहेगा कि लगाए गए पौधाें की देखभाल कराई जाए।
राजेश कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी शामली
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यह बोले लाेग, जिम्मेदारी होनी चाहिए तय
प्रवीण कुमार का कहना है कि हर साल व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान तो चला दिया जाता है, मगर पौधों को लगाने के बाद उनकी देखरेख करना अधिकारी और कर्मचारी मुनासिब नहीं समझते। पौधाें के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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लोगों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी
सुधीर कुमार का कहना है कि लोगों को भी पौधों को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। अकेले वन विभाग कुछ नहीं कर सकता। लोगों को भी जिस तरह से परिवार के सदस्य की देखरेख की जाती है, ठीक उसी तरह पौधाें को पालने के लिए आगे आना चाहिए। उनकी देखरेख करनी चाहिए।
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पौधे लगाने के बाद उन्हें पानी देना तक नहीं समझा जाता मुनासिब
संजय कुमार का कहना है कि अभियान चलाकर हर साल पौधे तो लगा दिए जाते हैं, मगर इसके बाद उनमें पानी तक देना मुनासिब नहीं समझा जाता। नतीजन पौधे सूखकर गिर जाते हैं।
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हर किसी को करने होंगे प्रयास
शहजाद कहना है कि सिर्फ वन विभाग की जिम्मेदारी पौधों को बचाने की नहीं है। आम लोगों को भी पौधों को बचाने के प्रयास करने होंगे, तभी जिले को हरा भरा किया जा सकता है। पौधों को बचाने के लिए उन्हें गोद लेकर उनकी देखरेख करनी चाहिए।
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