संवाद न्यूज एजेंसी
चौसाना। गांव के गली-मोहल्लों में लगे हैंडपंपों में धड़ल्ले से सबमर्सिबल पंप मोटर को लगाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों इलाके में पानी का संकट गहरा गया है। बिना किसी अधिकारी की अनुमति के हैंडपम्पों में चल रही मोटर से जलस्तर बहुत नीचे पहुंच गया है। 150 फीट गहरे हैंडपम्पों की जलधारा भी सूखने लगी है। वहीं आधे से अधिक आबादी को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है, लेकिन पंचायत सचिव से लेकर ब्लॉक के अधिकारी समस्या को लेकर अंजान बने हुए हैं।
गर्मी के दिनों में पानी की समस्या जगजाहिर है, लेकिन चौसाना सहित क्षेत्र के खोडसमा, पठानपूरा, गढ़ी हसनपुर, जिजौला, शामली शामला, नयागांव, गंगारामपुर, सकौती, ऊदपुर, भड़ी, लक्ष्मीपूरा, बल्लामाजरा, टोडा, दथेड़ा, पांथुपूरा आदि गांवों में लगे सरकारी हैंडपम्प मानो गिने चुने लोगों की सम्पत्ति बनकर रह गए हैं।
देहात के गांवों में आज भी ऐसे परिवार हैं, जो आर्थिक रूप से सम्पन्न नहीं है और पीने के पानी, अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिये सरकारी हैंडपम्पों का सहारा लेते हैं। हैंडपम्पों में सबमर्सिबल पम्प डाले जाने से ऐसे ग्रामीणों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त राहगीरों को पीने के पानी तक की समस्या पैदा हो गई है। मगर ग्राम सचिव से लेकर किसी भी अधिकारी ने हैंडपम्पोंं को मुक्त कराने का प्रयास नहीं किया।
गढ़ी हसनपुर के पंचायत भवन का हैंडपम्प भी बना बंधक: पंचायत भवन गढ़ी हसनपुर में स्थित हैंडपम्प का रिबोर हुआ है, जिस पर मशीन लगाने के स्थान पर सबमर्सिबल मोटर डालकर गिने चुने लोगों के घरो में पानी जा रहा है। मनोज कुमार, सोहनवीर, राजेश का कहना है कि हैंडपंपों में सबमर्सिबल लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।