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नि:शुल्क सतर्कता डोज लगवाने में रूचि नहीं ले रहे लोग

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जिले में सात लाख 20 हजार 212 लोगों का लक्ष्य, 2.98 प्रतिशत लोगों को लग पाई डोज
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कोरोना संक्रमण का बना खतरा, जिले में चल रहे 24 सक्रिय केस
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में कोरोना के केस मिल रहे हैं, जिससे फिर से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद लोग सतर्कता डोज लगवाने मेें रुचि नहीं ले रहे हैं। सतर्कता डोज अब सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क लगाई जा रही है। जिले में सात लाख 20 हजार 212 लोगों को सतर्कता डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें अभी तक 21 हजार 436 लोगों को ही सतर्कता डोज लग सकी है।
जिले में पिछले दो सप्ताह में कोरोना के 29 केस मिल चुके हैं। इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बन रहा है। इस समय जिले में कोरोना के सक्रिय केस की संख्या 24 हैं। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। सभी मरीज घर पर रहकर ही ठीक हो रहे हैँ। उधर, सरकारी अस्पतालों में 18 साल से अधिक आयु के लोगों को सतर्कता डोज नि:शुल्क लगाई जा रही है। पहले केवल 60 साल से अधिक आयु के लोगों को सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क डोज लगाई जा रही थी। 18 साल से 60 साल के लोगों को सतर्कता डोज शुल्क देकर निजी अस्पतालों में लगाई जानी थी, लेकिन कोई निजी अस्पताल इसके लिए तैयार नहीं हुआ था। अब सभी को नि:शुल्क डोज लगाई जा रही है। इसके बाद भी लोग सतर्कता डोज लगवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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जिले में सात लाख 20 हजार 212 लोगों को सतर्कता डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 21 हजार 436 लोगों को लग पाई है। इस तरह से अभी तक मात्र 2.94 प्रतिशत लोगों को सतर्कता डोज लगी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि नि:शुल्क होने के बाद भी लोग सतर्कता डोज कम लगवा रहे हैं जबकि विभाग की तरफ से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया जिस वैक्सीन की पहली दो डोज लगी है, उसी वैक्सीन की ही सतर्कता डोज लगेगी। दूसरी डोज लगने के छह माह बाद सतर्कता डोज लगाई जाएगी। सतर्कता डोज 30 सितंबर तक नि:शुल्क लगाई जाएगी।
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