शामली। जिले में ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। साइबर ठगों ने अब सोशल मीडिया के जरिये ठगी शुरू कर दी है। ठग खुद के नंबर पर दूसरे की व्हाट्सएप डीपी लगाकर संबंधित के परिचितों से पैसे मांग रहे हैं। सिर्फ डीपी देखकर कई बार परिचित इन ठगों के झांसे में आ रहे हैं और राशि ट्रांसफर भी कर देते हैं। इसलिए लोगों का सतर्क रहने की जरूरत है।
शातिर ठग व्हाट्सएप के डीपी पर लगी फोटो को कॉपी कर परिचितों के पास अस्पताल अथवा अन्य इमरजेंसी के मेसेज भेजकर मदद मांग रहे हैं। इसके अलावा फेसबुक पर लोगों के नाम की आईडी बनाकर भी उनके दोस्तों, रिश्तेदारों के पास मैसेज भेजे जा रहे हैं।
केस 1
शहर के गुरुद्वारे के पास रहने वाले रवि ने बताया कि 10 दिन पहले साइबर ठगी करने वाले शख्स ने उनकी व्हाट्सएप की फोटो को दूसरे नंबर पर लगाकर मेरे परिचित के पास मेसेज भेज कर रुपये मांगे गए। रुपये मांगने वाले ने अस्पताल में इमरजेंसी बताई और 10 हजार रुपये मांगे। दो परिचितों ने रुपये भी दे दिए।
केस 2
लिलौन के रहने वाले बुजुर्ग की डीपी व्हाट्सएप पर लगाकर उनके रिश्तेदारों के पास मेसेज भेजे गए। हालांकि, ठगी नहीं हो सकी। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत की है।
केस 3
ऊर्जा निगम के कर्मचारी रविंद्र कुमार ने बताया कि 10 मार्च को उनकी फोटो लगाकर ठगी करने वालों ने जान पहचान वालों के पास मेसेज भेजे। अस्पताल में इमरजेंसी होने की बात कह कर अलग अलग लोगों से 10, 15, 20 हजार रुपये की मांग की गई। कई परिचितों ने रुपये दे भी दिए।
इस प्रकार बचे
एसपी अभिषेक के अनुसार यदि आपका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो जाए तो उसे अनइंस्टॉल कर दें। फिर अपने एंड्रायड फोन से सिम बाहर निकालें। एंड्रायड फोन से वाईफाई को कनेक्ट करें और व्हाट्सएप फिर से इंस्टॉल करें। व्हाट्सएप बिना आपकी अनुमति कोई भी ओटीपी नहीं भेजता है, अगर ऐसा कोई भी ओटीपी आता है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। अगर आपसे कोई करीबी बनकर मदद मांग रहा है तो पहले उसे कॉल कीजिए और किसी ओटीपी की जानकारी नहीं दीजिए।
पाठकों के आए सवाल और उनके जवाब
सवाल: साइबर ठगी चार माह पहले हुई थी, क्या अब शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। - रमेश कुमार, कांधला
जवाब : बिल्कुल की जा सकती है। मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सवाल : यदि 12 दिन पहले साइबर ठगी हुई है तो क्या शिकायत के बाद रकम वापस आ सकती है। - मोमीन काजीवाड़ा, शामली
जवाब : ठगी होते ही हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करा दें, रकम होल्ड कर वापस दिलाने में आसानी होती है।
(जवाब साइबर एक्सपर्ट संजीव भटनागर के द्वारा)
यहां से करे शंका का समाधान
आपके साथ भी किसी तरह की साइबर ठगी या फिर ठगी का प्रयास हुआ तो अमर उजाला के मोबाइल नंबर 9548521732 पर व्हाट्सएप या फिर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। साइबर क्राइम को लेकर आपकी कोई शंका है कि हमें भेजें, साइबर एक्सपर्ट से उनका जवाब दिलाने का प्रयास किया जाएगा। आपकी समस्या को अखबार में भी प्रकाशित किया जाएगा।