शामली। जिले में बदल रहे मौसम में अस्पतालों में मरीज बढ़ गए हैं। इनमें ज्यादातर बुखार, नजला व खांसी के मरीज हैं। वहीं मरीज बढ़ने के साथ ही सैंपलों की जांच भी बढ़ गई है। अब 300 सैंपलों की जांच रोजाना हो रही है। चिकित्सक इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में कई दिन से चटक धूप निकल रही है और हवा की रफ्तार भी मंद पड़ गई है। रात को मौसम ठंडा हो रहा है तो दिन में धूप निकलने के कारण मौसम गरम हो रहा है। इसमें सबसे ज्यादा वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में बुखार, नजला व खांसी के मरीजों की संख्या लगभग दो गुनी हो गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में एक हजार के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। लैब टैक्नीशियन शिवांगी ने बताया करीब 15 दिन पहले तक करीब 40-50 मरीजों की जांच के लिए सैंपल आ रहे थे। एक मरीज के सैंपल से तीन से पांच तरह की जांच होती है। इस तरह के 150 के आसपास जांच हो रही थीं, लेकिन अब एक सौ मरीजों के सैंपलों की जांच हो रही है। इस तरह से रोजाना 300 के आसपास जांच हो रही हैं। ज्यादातर जांच बुखार के मरीजों की हो रही है, जिनमें सीबीसी, विडाल, मलेरिया, चिकनगुनिया व डेंगू होती है। हालांकि जांच में ज्यादातर वायरल बुखार के ही केस आ रहे हैं। पिछले महीने जनवरी में सिर्फ सात मरीज टायफाइड के सामने आए थे। इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया का कोई केस जांच में नहीं मिला है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अशोक कुमार ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से वायरल संक्रमण होने का खतरा रहता है। इस वजह से बुखार, नजला व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि अस्तपाल में करीब 700 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। वहीं एक सौ से ज्यादा हड्डी संबंधी रोगों के मरीज आते हैं। सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
-जिला अस्पताल में कफ सिरप की हुई कमी
जिला अस्पताल में कफ सिरप खत्म होने के कारण दो दिन से मरीजों को परेशानी हो रही है। ड्रग वेयर हाउस से सिर्फ 200 शीशी कफ सिरप मिला है, जबकि इस मौसम में एक दिन में लगभग 250 शीशी कफ सिरप की खपत है। जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट ताहिर बेग ने बताया कि जिस मरीज को कफ सिरफ की जरूरत है, उसे उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल में एंटी एलर्जिक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
ये बरतें सावधानी :
-सुबह-शाम ठंड के अनुसार ऊनी व गर्म कपड़े पहनें।
-दिन में मौसम के अनुसार कपड़े पहनें और पसीना न आने दें।
- ज्यादा ठंडी चीजें व ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें।
- ताजा हल्का खाना खाएं, तरल पदार्थों का सेवन करें।
- बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- कोई समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।