प्रतिवर्ष रोका जाता है बॉर्डर पर धान, सिस्टम से जूझता किसान
चौसाना। हरियाणा में यूपी के किसानों की फसल को प्रतिवर्ष रोका जाता है। लेकिन कभी भी जिला प्रशासन ने इसके लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। एमएसपी पर देशभर में किसानों की फसल की बिक्री हो रही है। अगर किसानों की फसल को खरीदने के लिए जिला प्रशासन गंभीरता दिखाए तो यूपी के किसानों को हरियाणा पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा।
लंबे अरसे से यूपी के किसान हरियाणा सरकार की मनमानी को झेल रहे हैं। जिसके विरोध पर बुधवार रात किसानों को पुलिस की लाठियां तक खानी पड़ीं। प्रतिवर्ष हरियाणा शासन मनमानी करते हुए यूपी के किसानों को परेशान करता आ रहा है। किसानों की मूलभूत समस्याओं को जानने के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई अन्य व्यवस्था नहीं की। बता दें कि जिले में धान खरीद के लिए सात क्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन इन क्रय केंद्रों पर धान खरीद की समुचित व्यवस्था तक नहीं है। किसान बताते हैं कि एक किसान को धान बेचने के लिए सुबह से शाम हो जाती है। दूसरे किसान का नंबर तक नहीं आता। अगर प्रशासन धान खरीद की मूलभूत समस्याओं को दूर कर लेता तो किसानों को इस तरह परेशान न होना पड़ता।
--- किसानों की मांग
- किसान की फसल और ट्रैक्टरों को न रोका जाए, उन्हें बेवजह परेशान न किया जाए।
- किसान के साथ मारपीट करने वाले पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- किसानों से रात को ट्रॉली निकालने के नाम पर हरियाणा पुलिस अवैध वसूली करती है, इसे तत्काल रोका जाए।