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ओवरफ्लो होकर टूटी मामौर झील, मकान गिरा

Sat, 21 Jul 2018 11:49 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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कैराना के झील में ओवरफ्लो होकर टूटने से घरों में घुसा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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शामली के कैराना क्षेत्र में हल्की बारिश में ही मामौर झील ओवरफ्लो होकर टूट गई। जिससे गांव में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। गांव में एक मकान पानी में भर-भराकर गिर गया और कई घरों में पानी भर गया। लगभग धान और ज्वार की करीब 600 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। कैराना से बड़े नाले द्वारा गंदा पानी मामौर झील में जाता है। वहीं, पिछले एक सप्ताह से रुक रुककर बारिश हो रही है। बारिश और कैराना का पानी मामौर झील में इक्ट्ठा होने के कारण ओवरफ्लो हो गई। शुक्रवार रात करीब 12 बजे झील के किनारे टूटने शुरू हो गए। जिसके बाद आसपास के खेतों में पानी घुस गया और फिर गांव तक पहुंच गया। झील के पानी से गिरे मकान के बाहर बैठे कामिल ने बताया कि रात साढे़ तीन बजे अचानक पानी का शोर आने से उन्हें लगा कि शायद यमुना में बाढ़ आ गई। वह तुरंत पत्नी, चार बेटों, दो पुत्रवधू व दो पोतो के साथ मकान के बाहर आ गया। परिवार के बाहर आते ही मकान भरभरा कर गिर गया। अचानक मकान के ध्वस्त होने की आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोग सहम गए तथा मलबे को हटाकर सामान को बाहर निकाला और दूसरे स्थान पर भिजवाया। इसके अलावा शराफत, गय्यूर, अय्यूब, इलियास, नासिर, दलसिंह व लखविंद्र सिंह आदि ग्रामीणों के घर भी पानी से लबालब हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि कहीं उनके घर पानी में ढह न जाएं। गांव में फिलहाल बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। ग्रामीण अपने घरों से सामान निकाल कर इधर उधर सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे हैं। झील टूटने से ग्रामीणों को भारी त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सैकड़ों बीघा किसानों की खेतों में खड़ी फसल भी पानी में डूबकर पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है, जिसे लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। उधर, एसडीएम सुरजीत सिंह का कहना है कि मामौर झील के ओवरफ्लो होने के कारण टूटने तथा मकान गिरने की जानकारी उन्हें नहीं है। गांव में टीम के साथ मौका का मुआयना किया जाएगा। - इन किसानों का हुआ नुकसान मामौर झील के ओवरफ्लो होने के कारण शराफत की डेढ़ बीघा ज्वार, सरदार निर्मल सिंह की 70 बीघा, हनीफ की 40 बीघा, मजीद की 30 बीघा, कुलदीप की 30 बीघा, जसवंत की 50 बीघा फसल के साथ-साथ कई किसानों की लगभग 600 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। किसानों की फसल के पानी में डूब जाने के कारण उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। किसानों का कहना है कि फसल के बर्बाद होने से उनके सामने परिवार के पालन-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। - झील में जाता है कैराना का गंदा पानी नगर पालिका परिषद द्वारा दो दशक पूर्व कैराना की समस्त पानी की निकासी हेतु मामौर झील तक बड़ा नाला बनवाया गया था, जिसके बाद से नाले के माध्यम से कैराना का सारा गंदा पानी झील में डाला जाता है। नगर से जाने वाले पानी के साथ-साथ बारिश का पानी झील में जाने से झील ओवरफ्लो हो गई है। जबकि मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी के बाद झील के और अधिक नुकसान करने की संभावना है। - हर साल तबाही मचाती है झील बरसात के मौसम में हर साल मामौर झील तबाही मचाती है। झील के टूटने से जहां किसानों की हर साल खड़ी फसलों के तबाह हो जाने से सारे अरमान पानी में बह जाते हैं, तो वहीं ग्रामवासियों को भी घरों में पानी घुस जाने से नुकसान झेलना पड़ता रहा है। लोगों का दर्द है कि अधिकारी उनकी इस समस्या का कोई समाधान नहीं कर पा रहे हैं। - गांव में नहीं पहुंचे अधिकारी झील टूटने के कारण घरों में पानी घुस जाने और एक मकान के ध्वस्त हो जाने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मकान गिरते समय कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। कई और ग्रामीणों के घरों में पानी घुसने से वे भी घरों के भर-भराकर गिर जाने की आशंका जता रहे हैं। इतना सब कुछ होने के बाद भी अधिकारियों की नंीद नहीं टूटी है।
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