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Shamli News: अध्यक्ष पद पर 105 प्रत्याशियों में से 18 ही बचा पाए जमानत

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- कई सीटों पर राजनीतिक दलाें के प्रत्याशियों की भी हो गई जमानत जब्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। निकाय चुनाव में अध्यक्ष के 10 पदाें पर चुनाव लड़े 105 प्रत्याशियों में से 87 की जमानत जब्त हो गई। सिर्फ 18 प्रत्याशी ही अपनी जमानत बचा पाए। कई सीटों पर राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की भी जमानत जब्त हो गई।
निकाय चुनाव में इस बार भी निर्दलीय हावी रहे। चार सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी अध्यक्ष बने। जबकि रालोद और भाजपा ने दो-दो और सपा व बसपा ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। शामली सीट पर भाजपा प्रत्याशी विजेता रहे। दूसरे स्थान पर रहे विजय कौशिक ही जमानत बचा पाए। आप और बसपा प्रत्याशी समेत सात प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। कैराना सीट पर भाजपा, कांग्रेस, आप और एसडीपीआई ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। कुल 15 प्रत्याशी इस सीट पर चुनाव लड़े। पहले और दूसरे स्थान पर निर्दलीय रहे। बाकी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों समेत 13 की जमानत जब्त हो गई।
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कांधला सीट पर 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। यहां बसपा और आप प्रत्याशी समेत आठ की जमानत जब्त हो गई। नगर पंचायत एलम में राजनीतिक दलों से सिर्फ भाजपा ने प्रत्याशी उतारा था। बाकी आठ प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव लड़े। यहां भाजपा प्रत्याशी छठे स्थान पर रही। भाजपा प्रत्याशी समेत सात की जमानत जब्त हो गई। जलालाबाद में प्रत्याशियों की संख्या सबसे कम थी। यहां पांच प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। भाजपा प्रत्याशी समेत तीन प्रत्याशियों की जमानत यहां जब्त हो गई। ऊन में राजनीतिक दलों का हाल बुरा रहा। यहां चुनावी मैदान में उतरे 11 प्रत्याशियों में से भाजपा, रालोद, बसपा और आप के प्रत्याशी समेत 10 की जमानत जब्त हो गई।
गढ़ीपुख्ता में नौ प्रत्याशियों में से बसपा और आप समेत सात की जमानत जब्त हो गई। झिंझाना में प्रत्याशियों की संख्या सबसे अधिक थी। यहां 16 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। जिनमें से सपा प्रत्याशी समेत 15 की जमानत जब्त हो गई। थानाभवन में बसपा, आप और आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी समेत दस में से आठ की जमानत जब्त हो गई।

इस तरह जमानत होती है जब्त

प्रत्येक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र के साथ एक निर्धारित रकम जमानत के दौर पर जमा करता है। यदि कोई प्रत्याशी कुल पड़े वैध मतों का 1/6 यानी कुल 16.66 प्रतिशत हिस्सा हासिल नहीं कर पाता तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। यदि वह इतना हिस्सा पा जाता है, तो उसकी जमानत राशि लौटा दी जाती है। नामांकन रद्द होने या वापस होने की स्थिति में जमानत राशि लौटा दी जाती है। यदि उम्मीदवार की चुनाव से पहले मौत हो जाए तो भी उसके परिजनों को यह राशि लौटाने का प्रावधान है।
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यह है इस बार जमानत राशि

निकाय चुनाव में नगर पालिका अध्यक्ष के लिए अनारक्षित वर्ग की जमानत राशि राशि 8000 रुपये, एससीएसटी, महिला ओबीसी के लिए 4000 रुपये तय की है। सदस्य के लिए अनारक्षित वर्ग की जमानत राशि 2000, एससीएसटी, महिला एवं ओबीसी के लिए 1000 रुपये तय की गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष पद में अनारक्षित वर्ग के लिए जमानत राशि 5000 रुपये, एससीएसटी महिला एवं ओबीसी वर्ग के लिए राशि 2500 रुपये तय की है। सदस्य के लिए इसी तरह अनारक्षित के लिए 2000 रुपये, एससीएसटी, महिला ओबीसी के लिए 1000 रुपये बतौर जमानत राशि तय की गई है।
निकाय प्रत्याशी जमानत जब्त
शामली 9 7
कैराना 15 13
कांधला 11 8
एलम 9 7
जलालाबाद 5 3
ऊन 11 10
गढ़ीपुख्ता 9 7
बनत 10 9
झिंझाना 16 15
थानाभवन 10 8
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