- जिला अस्पताल में डेढ़ साल से नहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ, मरीज परेशान
- विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से दुर्घटना में घायलों को भी किया जाता है रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। ठंड में हड्डी संबंधी रोगों के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से मरीज परेशान हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण दुर्घटना में घायलों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। इसके अलावा जिला अस्पताल में पैथोलोजिस्ट की भी नियुक्ति नहीं हो पाई है।
जिले के मौसम में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है। इस मौसम में हड्डी रोग संबंधी मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में इस समय औसतन 550 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें करीब 90 मरीज रोजाना जोड़ों में दर्द, हड्डी के फ्रेक्चर व कमर दर्द के मरीज आ रहे हैं, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक न मिलने से मरीज परेशान रहते हैं। अन्य चिकित्सक उन्हें पहले तो हड्डी विशेषज्ञ न होना बताकर टरकाने की कोशिश करते हैं, लेकिन मरीज के कहने पर बाद में उन्हें दर्द निवारक या अन्य कोई सामान्य दवा लिखकर उपचार करने की खानापूर्ति कर रहे हैं।
इस वजह से मरीजों को जिला अस्पताल में सही उपचार न मिलने से मायूस होकर लौटना पड़ता है। इसके अलावा इमरजेंसी में दुर्घटना में अगर किसी घायल की हड्डी फ्रेक्चर होती है तो विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण उसे रेफर कर दिया जाता है। बताया गया है कि शासन से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आसिफ की तैनाती की गई थी, लेकिन वे कुछ ही दिन रहे। इसके बाद शासन ने एक अन्य हड्डी रोग विशेषज्ञ और पैथोलोजिस्ट की नियुक्ति की थी, लेकिन उनमें से किसी ने ज्वाइन नहीं किया।
करीब डेढ़ साल से हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने पर मरीजों की अन्य चिकित्सकों द्वारा जांच कर दवा दी जा रही है।